Lucknow Terror Module: यूपी ATS की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. राजधानी से पकड़े गए संदिग्ध आतंकियों को आलमनगर रेलवे स्टेशन पर एक अज्ञात शख्स ने 2 लीटर ज्वलनशील पदार्थ मुहैया कराया था, लेकिन मदद करने वाला मास्टरमाइंड अभी भी फरार है! जांच में सामने आया है कि संदिग्धों को किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए स्थानीय स्तर पर भी मदद मिल रही थी. राजधानी से पकड़े गए संदिग्ध आतंकियों को आलमनगर रेलवे स्टेशन पर एक शख्स ने दो लीटर ज्वलनशील पदार्थ मुहैया कराया था. जिस शख्स ने ज्वलनशील पदार्थ उपलब्ध कराया था, वह अब तक पकड़ से दूर है. फुटेज व अन्य सुरागों की मदद से उसकी तलाश जारी है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस पदार्थ का इस्तेमाल आईईडी (IED) या ‘केमिकल बम’ बनाने में किया जाना था.
मददगार की तलाश जारी
एटीएस की पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया है कि लखनऊ के आलमनगर रेलवे स्टेशन पर एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें दो लीटर ज्वलनशील पदार्थ उपलब्ध कराया था. जिस शख्स ने ज्वलनशील पदार्थ उपलब्ध कराया था, वह अभी तक फरार है. सूत्रों के अनुसार वह पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में है. फुटेज व अन्य सुरागों की मदद से उसकी तलाश जारी है. सूत्रों के मुताबिक, फरार आरोपी लखनऊ या आसपास के जिले का ही निवासी हो सकता है, जो स्लीपर सेल की तरह काम कर रहा था. इस खुलासे के बाद लखनऊ के सभी छोटे-बड़े रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर निगरानी बढ़ा दी गई है. एटीएस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस नेटवर्क में और भी स्थानीय लोग शामिल हैं जो रसद या हथियार पहुंचाने का काम कर रहे हैं.
दो संदिग्ध हुए थे गिरफ्तार
यूपी एटीएस ने दो अप्रैल को संदिग्ध आतंकी साकिब, अरबाब, लोकेश व विकास को गिरफ्तार किया था. इस मॉड्यूल ने देश भर में आतंकी वारदातों को अंजाम देने की साजिश रची थी. आरोपियों ने अपने-अपने मोबाइल से तमाम चैट डिलीट कर दी थीं. एटीएस उनके मोबाइल में चैट रिकवर करवा रही है. चैट डिलीट करने की बात आरोपियों ने कबूली थी. उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी हैंडलर्स कहते थे कि टास्क पूरा होते ही चैट क्लियर कर दिया करो. उसी हिसाब से आरोपी काम कर रहे थे.
