इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC) ने PhD प्रोग्राम लॉन्च करके एकेडमिक डेवलपमेंट की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।

IIMC में PhD प्रोग्राम लॉन्च: देश के प्रमुख मास कम्युनिकेशन इंस्टीट्यूट, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC) ने एकेडमिक क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इंस्टीट्यूट ने अब PhD प्रोग्राम लॉन्च किया है, जिसे शिक्षा और रिसर्च के मामले में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस मौके पर IIMC की वाइस-चांसलर डॉ. प्रज्ञा पालीवाल गौर ने फैकल्टी और एडमिनिस्ट्रेशन को बधाई दी और इसे गर्व के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रोग्राम मीडिया, जर्नलिज्म और कम्युनिकेशन के क्षेत्र में रिसर्च को बढ़ावा देगा।
IIMC में PhD प्रोग्राम लॉन्च
IIMC ने मीडिया और जर्नलिज्म के क्षेत्र में रिसर्च को नई दिशा देने के मकसद से PhD प्रोग्राम लॉन्च किया है। वाइस-चांसलर डॉ. प्रज्ञा पालीवाल गौर ने कहा कि यह उपलब्धि इंस्टीट्यूट की एकेडमिक यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि IIMC को अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रखने के लिए लगातार उच्च एकेडमिक स्टैंडर्ड बनाए रखने पर काम करना चाहिए।
वाइस-चांसलर ने फैकल्टी मेंबर्स और रीजनल डायरेक्टर्स से अपील की कि वे रिसर्च स्कॉलर्स को ऐसे विषयों पर रिसर्च करने के लिए प्रोत्साहित करें जो समाज के लिए प्रासंगिक हों और सांस्कृतिक, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं से संबंधित हों। यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि PhD स्टूडेंट्स को बेहतर एकेडमिक माहौल और रिसर्च के लिए पर्याप्त अवसर मिलें।
आवेदन प्रक्रिया शुरू
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC) में PhD एडमिशन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक उम्मीदवार इंस्टीट्यूट की वेबसाइट पर उपलब्ध एडमिशन ब्रोशर को ध्यान से पढ़ सकते हैं और फिर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भर सकते हैं। आवेदन करने की आखिरी तारीख 30 जनवरी, 2026 है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया IIMC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। इससे स्टूडेंट्स और संस्थान दोनों को फायदा होगा।
मीडिया और जर्नलिज्म के क्षेत्र में रिसर्च को नई दिशा
IIMC देश का एक प्रतिष्ठित मास कम्युनिकेशन इंस्टीट्यूट है, जिसे दो साल पहले डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिला था। इसके बाद इंस्टीट्यूट में पोस्टग्रेजुएट कोर्स शुरू किए गए। तब तक, केवल एक साल के PG डिप्लोमा कोर्स ही ऑफर किए जाते थे, जो जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन के स्टूडेंट्स के बीच काफी लोकप्रिय थे।
लंबे समय से स्टूडेंट्स मांग कर रहे थे कि IIMC भी रिसर्च की सुविधाएं, यानी PhD प्रोग्राम शुरू करे। अब जब यह मांग पूरी हो गई है, तो इससे खासकर उन छात्रों को फायदा होगा जो मीडिया और कम्युनिकेशन के क्षेत्र में गहराई से पढ़ाई और रिसर्च करना चाहते हैं।
सारांश
इसे एक महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है जो मीडिया, पत्रकारिता और कम्युनिकेशन के क्षेत्र में रिसर्च को मजबूत करेगा। यह PhD प्रोग्राम न सिर्फ छात्रों को अकादमिक रूप से आगे बढ़ने का मौका देगा, बल्कि यह IIMC की अकादमिक प्रतिष्ठा को भी और मजबूत करेगा। माना जा रहा है कि यह कदम देश में मीडिया रिसर्च को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में अहम भूमिका निभाएगा।
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