Iran warning us israel: ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिका और इजरायल को कड़ी चेतावनी दी गई है कि किसी भी हमले का जवाब सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई से दिया जाएगा. बढ़ते विरोध, इंटरनेट बंदी और ट्रंप की चेतावनी के बीच पश्चिम एशिया में तनाव और गहरा हो गया है.

Iran warning us israel: ईरान में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच हालात लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं. इसी बीच ईरान ने अमेरिका और इजरायल को कड़ी चेतावनी दी है. ईरान का कहना है कि अगर उस पर किसी भी तरह का सैन्य हमला किया गया, तो वह चुप नहीं बैठेगा. जवाब में इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा. यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब इजरायल ने खुद को हाई अलर्ट पर रखा हुआ है.
ईरानी संसद में बड़ा बयान
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकिर कालिबाफ ने यह बयान दिया है. संसद में बोलते हुए उन्होंने कहा कि ईरान पर हमला हुआ तो इजरायल, अमेरिकी सैन्य अड्डे और युद्धपोत उसके वैध निशाने होंगे. कालिबाफ पहले रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े रह चुके हैं. इसलिए उनके बयान को काफी गंभीर माना जा रहा है. इससे साफ है कि ईरान किसी भी दबाव में झुकने को तैयार नहीं है.
देश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन

ईरान इस समय 2022 के बाद सबसे बड़े विरोध प्रदर्शनों का सामना कर रहा है. ये प्रदर्शन 28 दिसंबर से शुरू हुए थे. शुरुआत में इसकी वजह बढ़ती महंगाई बताई गई है. बाद में यह आंदोलन सीधे सरकार और सर्वोच्च नेता खामेनेई के खिलाफ हो गया है. अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन HRANA के अनुसार अब तक 116 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें ज्यादातर आम प्रदर्शनकारी हैं, जबकि 37 सुरक्षाकर्मी भी मारे गए हैं.
ट्रंप की चेतावनी और इंटरनेट बंद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को लेकर बयान दे रहे हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान पहले से ज्यादा आजादी के करीब है. अमेरिका जरूरत पड़ने पर मदद करेगा. इससे पहले उन्होंने ईरानी सरकार को प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग न करने की चेतावनी दी थी. वहीं, ईरान सरकार ने देश में इंटरनेट लगभग पूरी तरह बंद कर दिया है. नेटब्लॉक्स के अनुसार इंटरनेट कनेक्टिविटी सिर्फ 1 प्रतिशत रह गई है.
पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव
इसके बावजूद सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो सामने आए हैं. इनमें तेहरान समेत कई शहरों में रात के समय विरोध प्रदर्शन दिख रहे हैं. ईरानी सरकार का कहना है कि दंगाइयों ने मस्जिदों और सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचाया है. वहीं सुरक्षा बल सख्ती से कार्रवाई कर रहे हैं. पहले से ही ईरान और इजरायल के बीच तनाव बना हुआ है. ऐसे में अमेरिका की संभावित दखल और ईरान की धमकी ने पूरे पश्चिम एशिया में हालात और गंभीर कर दिए हैं.
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