उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले में भीमराव अंबेडकर की जयंती के दिन काफी विवाद हो गया. इस दौरान पुलिस के ऊपर भी हमला कर दिया गया. पुलिस की गाड़ियों में आग लगाई गई.

अंबेडकर जयंती पर विवाद
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में भीमराव अंबेडकर की जयंती पर मूर्ति स्थापना को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. जानकारी के मुताबिक खीरी के मैलानी थाना क्षेत्र के बांकेगंज कस्बे में यह विवाद हुआ है. सरकारी जमीन पर बिना परमिशन के मूर्ति रखने की कोशिश करने के दौरान आयोजकों और कुछ दूसरे लोगों में झड़प हो गई. इस झड़प में मूर्ति गिरकर खंडित हो गई.
पुलिस पर हुई पत्थरबाजी
मूर्ति खंडित होने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस पर भीड़ ने हमला कर दिया और पत्थरबाजी करके कई सरकारी गाड़ियों में तोड़फोड़ करके आग लगा दी. जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में लाठीचार्ज करते हुए स्थिति को नियंत्रण में किया. इस घटना में 20 पुलिसकर्मी और एक स्थानीय पत्रकार घायल हुए हैं. बताया जा रहा है कि लंबे समय से बांकेगंज में सरकारी जमीन पर मूर्ति को लेकर विवाद चल रहा था.
झड़प के दौरान खंडित हुई मूर्ति
सभी लोगों की सहमति बनी थी, कि सिर्फ बाबा साहब की तस्वीर पर माला चढ़ाई जाएगी, लेकिन इस दौरान कुछ लोग चुपके से मूर्ति भी ले आए. जिसके बाद कुछ लोगों ने जबरन मूर्ति स्थापित करने की कोशिश की, जिसके चलते वहां पर लोगों का विरोध शुरू हो गया और देखते ही देखते यह विवाद हिंसा में बदल गया. मारपीट के दौरान मूर्ति नीचे गिरी और खंडित हो गई. जिसके बाद वहां मौजूद 250-300 लोगों का गुस्सा भड़का और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया.
उग्रवादियों की हो रही पहचान
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई, लेकिन कुछ लोगों ने पुलिस पर भी हमला कर दिया. पुलिस की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई और उनमें आग लगा दी गई. जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज करके स्थिति को संभाला. पुलिस ने मूर्ति को कब्जे में लेकर थाने भिजवाया. फिलहाल स्थिति और कानून व्यवस्था नियंत्रण में है और किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई है. पुलिस उन लोगों की पहचान कर रही है, जिन लोगों ने सरकारी संपत्ती को नुकसान पहुंचाया और आगजनी की.
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