KGMU Conversion Conspiracy Fake Doctor Arrested: किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) प्रशासन ने मंगलवार को एक फर्जी डॉक्टर को दबोचा. आरोपी हस्साम अहमद 12वीं पास है जिसके धर्मांतरण रैकेट से जुड़े होने की आशंका जताई गई है. हस्साम के संपर्क में एमबीबीएस की कई छात्राएं थीं. फर्जी डॉक्टर हस्साम अहमद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस डॉ. रमीज से उसका कनेक्शन खंगाल रही है. आशंका जताई जा रही है कि आरोपी पूर्व में डॉ. रमीज के संपर्क में था. डॉ. रमीज को धर्मांतरण और यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था.
हस्साम अहमद के खिलाफ FIR
केजीएमयू में धर्मांतरण रैकेट की आशंका में पकड़े गए हस्साम अहमद के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने की धारा में एफआईआर दर्ज की गई है. आरोपी के पास से उसका मोबाइल फोन बरामद किया गया है. वह छात्राओं को एम्स में कथित तौर पर होने वाली एक कॉन्फ्रेंस के नाम पर दिल्ली ले जाने वाला था. पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी से पूछताछ कर रही है.
कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी खंगालेगी पुलिस
सूत्रों का कहना है कि आरोपी केजीएमयू के अलावा दूसरे विश्वविद्यालय के छात्राओं के भी संपर्क में था. पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन को खंगाल रही है. माना जा रहा है कि मोबाइल फोन से आरोपी के अन्य साथियों का पता चलेगा. पुलिस आरोपी की कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी खंगालेगी, ताकि उसके सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके.
छात्राओं के बयान होंगे दर्ज
पुराने लखनऊ में चिकित्सा शिविर में शामिल होने वाली छात्राओं के बयान भी दर्ज किए जाएंगे. आरोपी केजीएमयू में किसके शह पर आता जाता था, इस दिशा में भी छानबीन की जा रही है. बताया जा रहा है कि केजीएमयू में आरोपी के कई सहयोगी हैं, जिनकी मदद से वह छात्राओं पर रौब गांठता था. आरोपी ने कितने लोगों के धर्मांतरण का प्रयास किया है, इसके बारे में भी पूछताछ की जा रही है. छात्राओं के बयान के आधार पर पुलिस केस में धाराएं बढ़ाएगी.
कहां का रहने वाला है आरोपी हस्साम?
पकड़ा गया आरोपी हस्साम अजीज नगर सेमरा गोडी का निवासी है. आरोपी ने कॉर्डियो सेवा संस्थान नामक एक ट्रस्ट बना रखा है. फाउंडेशन के नाम पर पुरस्कार, सम्मान और कॅरिअर में मदद के झूठे सपने दिखाता था. वह केजीएमयू में घूमकर यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं से खुद को सीनियर बताते हुए रौब झाड़ता रहता था. इसके साथ ही केजीएमयू में इलाज के लिए आने वाले मरीजों से भी वसूली का भी आरोप है.13 अप्रैल को उसने केजीएमयू की छात्राओं को कथित रूप से एम्स में होने वाली एक कॉन्फ्रेंस के लिए चयनित होने का फर्जी आमंत्रण पत्र जारी किया था. यह पत्र केजीएमयू के प्रवक्ता और पैरामेडिकल संकाय के डीन प्रो. केके सिंह के हस्ताक्षर से जारी किया गया था. छात्राओं को दिए गए पत्र में कॉन्फ्रेंस में अमेरिका के प्रसिद्ध डॉक्टर से मुलाकात करवाने की बात भी लिखी थी. इन्हीं छात्राओं को वह 19 अप्रैल को हुसैनाबाद में लगे एक चिकित्सा शिविर में लेकर गया था. छात्राएं उसके प्रभाव में थीं और उसके साथ दिल्ली जाने को तैयार थीं. आरोपी हस्साम ने अपने व्हाट्सएप अकाउंट में केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह की फोटो लगा रखी थी. एम्स दिल्ली की कथित कॉन्फ्रेंस में चयनित होने का पत्र भी उसने प्रो. केके सिंह के फर्जी हस्ताक्षर से जारी किया था.
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