महाराष्ट्र के लातूर जिले में एक NEET की छात्रा ने आत्महत्या कर ली. छात्रा परीक्षा रद्द होने के कारण काफी तनाव में थी. इसी कारण उसने खेत में एक पेड़ से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी.

छात्रा ने किया सुसाइड
महाराष्ट्र के लातूर जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है. लातूर के सूबे गोंडेगांव इलाके में एक छात्रा ने सुसाइड कर लिया. बताया जा रहा है कि छात्रा मानसिक तनाव से गुजर रही थी और इसी कारण उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. बताया जा रहा है कि मृतका एक किसान की बेटी थी और काफी मानसिक तनाव में थी. इसको लेकर मृत छात्रा के पिता ने भी दावा किया है.
NEET परीक्षा रद्द होने से तनाव में थी
मृत छात्रा के पिता ने दावा किया है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) के रद्द हो जाने के कारण छात्रा लगातार भारी मानसिक तनाव से गुजर रही थी. जानकारी के मुताबिक यह घटना 16 मई की सुबह की है. मृतका की पहचान 18 साल की मैथिली अशोक सोनवणे के रूप में की गई है. बताया जा रहा है कि छात्रा ने अपने ही खेत में मौजूद एक पेड़ से फांसी लगा ली.
पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट
इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. जिसके बाद पोस्टमार्टम और दूसरी कानूनी कार्रवाई को पूरा कर लिया गया है. मामले को गंभीरता से लेते हुए फिलहाल पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ की रिपोर्ट दर्ज कर ली है और मामले में आगे की जांच लगातार जारी है.
‘उसका सपना डॉक्टर बनने का था’
मृत छात्रा मैथिली के पिता अशोक विट्ठल सोनवणे ने रविवार को पुलिस को बयान दिए हैं. इस दौरान मृतका के पिता ने कहा कि मेरी बेटी का सपना डॉक्टर बनने का था. उसने कहा था कि परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन और अच्छी तैयारी के बाद परीक्षा रद्द हुई, जिससे मैं काफी परेशान हूं. उन्होंने बताया कि वह अपने भविष्य को लेकर चिंता में थी, मेरी बेटी इस मानसिक तनाव को संभाल नहीं पाई और उसने अपनी जान दे दी.
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