उत्तराखंड के काशीपुर इलाके में एक व्यक्ति के आत्महत्या करने का मामला सामने आया है. इस मामले में पुलिस की टीम जांच कर रही है, लेकिन इसी बीच भारतीय जनता पार्टी से विधायक अरविंद पांडे अपनी ही पार्टी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ बोलते नजर आ रहे हैं.
काशीपुर इलाके में किसान ने की आत्महत्या

उत्तराखंड के काशीपुर इलाके में कुछ दिनों पहले एक किसान ने किन्हीं कारणों के चलते आत्महत्या कर ली, जिसके बाद पुलिस लगातार इस मामले की जांच कर रही है. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किसान के परिवार से फोन पर बात करते हुए उन्हें पूरी तरह से इंसाफ दिलाने का भरोसा भी दिलाया है. सीएम धामी का साफ कहना है कि अगर इस मामले में किसी भी तरह का को दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इसी बीच सीएम धामी की पार्टी से ही विधायक अरविंद पांडे पार्टी और मुख्यमंत्री के खिलाफ अपने निजी फायदे के लिए खुले तौर पर बोलते नजर आ रहे हैं.
अपने फायदे के कारण सीएम के खिलाफ बोल रहे विधायक
भारतीय जनता पार्टी से उधम सिंह नगर की गदरपुर विधानसभा सीट से विधायक अरविंद पांडे काशीपुर में किसान के आत्महत्या मामले में अपने निजी फायदे के लिए मुख्यमंत्री और पार्टी के खिलाफ बोलते नजर आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि कोई भी आत्महत्या शौक से नहीं करता है. उन्होंने सीएम धामी पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं आगे न हों इसके लिए देश के सबसे ईमानदार सीएम और धाकड़ धामी और उन्हीं की टीम का पुलिस कप्तान यहां है. सिस्टम में चाहें मैं हूं या ये हों, सिस्टम में बैठे किसी भी इंसान की वजह से किसी गरीब का घर बर्बाद नहीं होना चाहिए.
सिस्टम में बैठे लोगों को करनी चाहिए चिंता- अरविंद पांडे
विधायक अरविंद पांडे ने सीएम पर निशाना साधते हुए कहा कि सिस्टम में बैठे हर इंसान को यह चिंता करनी चाहिए कि काशीपुर के उस किसान ने आखिर आत्महत्या क्यों की है? विधायक का कहना है कि काशीपुर के एक व्यापारी अनूप अग्रवाल को पुलिस अधिकारियों ने अपने ऑफिस में बुलाकर जबरदस्ती साइन करवाकर अंगूठा लगवाया. अरविंद पांडे ने कहा कि यह पूरी व्यवस्था बदलनी चाहिए.
प्रदेश में कुछ राक्षस पैदा हो गए हैं- अरविंद पांडे
अरविंद पांडे ने सीएम धामी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में कुछ ऐसे राक्षस पैदा हो गए हैं, जिनकी कार्यप्रणाली के कारण कई लोग प्रदेश छोड़कर भाग गए हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले की CBI जांच होनी चाहिए. हालांकि जो विधायक अरविंद पांडे इतना ज्यादा सीधा और हमदर्द बनने की कोशिश कर रहे हैं. उन्हीं विधायक की स्थानीय जनता उनके ऊपर जमीन हड़पने और अत्याचार करने का आरोप लगाती नजर आई है.
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अपने गिरेबान में नहीं झांक पाए विधायक जी
विधायक अरविंद पांडे के क्षेत्र की जनता खुद इनकी शासन से परेशान हो चुकी है. अरविंद पांडे मुख्यमंत्री धामी के ऊपर लगातार अपने फायदे के लिए बोल रहे हैं, लेकिन इससे पहले उन्हें अपने गिरेबान में झांक के देखना चाहिए. विधायक की स्थानीय जनता का आरोप है कि अरविंद पांडे ने उनके साथ धोखाधड़ी करके 1 एकड़ जमीन बोलकर 2.5 एकड़ जमीन को अपने नाम करवा लिया है. उनका कहना है कि विधायक अरविंद पांडे उनके बेटे को भी मारना चाहता है. इस मामले में पीड़ित सीएम धामी से गुहार लगा रहे हैं, कि सीएम धामी इस पूरे मामले की जांच कराएं.
स्थानीय जनता अरविंद पांडे को बताती है किसानों का दुश्मन

जो विधायक किसानों के मसीहा बनकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पर निशाना साध रहे हैं. उस विधायक अरविंद पांडे की स्थानीय जनता इन्हें किसानों का दुश्मन बताती है. स्थानीय किसानों का कहना है कि यह विधायक गरीबों को देखकर उनके साथ धोखा करके या फिर हमला करके उनकी जमीन छीन लेता है. विधायक जी उत्तराखंड के सीएम पर निशाना साधने से पहले शायद यह भूल गए थे, कि उनकी खुद की विधानसभा की जनता उनके ऊपर गंभीर आरोपों से उन्हें लादे पड़ी है. एक गरीब किसान सीएम धामी से हाथ जोड़कर गुहार लगा रही है, कि हमें बचा लीजिए मुख्यमंत्री साहब, विधायक अरविंद पांडे मुझे और मेरे परिवार को मार देगा.
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निजी फायदे के लिए सीएम के खिलाफ बोल रहे अरविंद पांडे
विधायक अरविंद पांडे ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ऊपर अपने निजी फायदे के लिए बोलने से पहले शायद खुद के गिरेबान में झांककर नहीं देखा था. विधायक अरविंद पांडे सीएम के ऊपर कई आरोप लगाते दिख रहे हैं. जबकि सीएम धामी ने किसान के परिवार से फोन पर बात करके पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिलाया है. उन्होंने मृतक किसान के परिवार से फोन कॉल पर बात की और मामले की जांच का भरोसा दिलाया.
क्या सीएम नहीं देते अवैध गतिविधियों में साथ?
अब ऐसे में विधायक के खिलाफ उठ रहे आरोपों और सीएम धामी से मदद की गुहार लगा रहे किसान के परिवार की वीडियो से यह सामने आ गया है, कि विधायक अपने निजी फायदे के लिए सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ बोल रहे हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या मुख्यमंत्री धामी उनकी अवैध गतिविधियों में उनका साथ नहीं दे रहे हैं, तभी ये उनके खिलाफ बोल रहे हैं. क्या पुष्कर सिंह धामी विधायक की अनैतिक हरकतों में साथ नहीं खड़े होते हैं, इसलिए इस तरह की बयान बाजी हो रही है. विधायक के सीएम धामी पर निशाना साधने के बाद में कई सवाल उठते हैं.
इस तरह के गद्दार और आरोपों से घिरे हुए विधायकों के खिलाफ मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी को तुरंत ही सख्त एक्शन लेना चाहिए. इस तरह के विधायकों को पार्टी में रखने से मुख्यमंत्री की ईमानदार छवि और पार्टी की संवेदनाओं पर भी कई सवाल उठते हैं. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस तरह के विधायकों के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कदम उठाते हुए इनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए.
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