मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन से एक ऐसा मामला सामने आ रहा है, जिसने मां की ममता पर सवाल खड़ा कर दिया है. दरअसल, एक मां ने अपनी 8 वर्षीय बच्ची को प्लेटफार्म नंबर 1 पर ट्रेन के आगे धक्का दे दिया था. बच्ची कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रही, जिसके बाद उसने गंभीर नाजुक हालत होने की वजह से दम तोड़ दिया है. बच्ची की पहचान युविका राजपूत(8) के रूप में हुई.
दरअसल, 17 मार्च दिन मंगलवार को शाम 7:30 बजे बच्ची अपनी मां के संग में स्टेशन पर ट्रेन के आने का इंतजार कर रही थी. वहां मौजूद लोगों ने बताया कि करीब 2 से 3 घंटे तक मां और बेटी प्लेटफॉर्म पर घूम रहे थे. देखने से सब कुछ मामूली लग रहा था, जैसे की वह अपनी ट्रेन के आने का इंतजार कर रहे हो. हालांकि, जैसे ही प्लेटफॉर्म पर ट्रेन आई. मां ने अपनी बच्ची को ट्रेन के आगे धक्का दे दिया.
घटना के बाद वहां मौजूद सभी लोगों में अफरा-तफरी मच गई. बच्ची गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर जाया गया, जहां पर उसका प्राथमिक उपचार करके भोपाल में रेफर कर दिया गया था. हालांकि, बच्ची कई दिन तक मौत से लड़ती रही. 13 दिन तक बच्ची मौत से लड़ती रही और अंत में उसने अपना दम तोड़ दिया. घायल बच्ची की पहचान 8 वर्षीय युविका राजपूत के रूप में हुई.
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बच्ची की मां अंजू सिंह राजपूत दूसरी शादी करना चाहती थी. उसकी बेटी लेकिन दूसरी शादी के बीच में उसके लिए काटा बन रही थी. अपने रास्ते से हटाने के लिए उसने अपनी बच्ची को हटाने का फैसला लिया. इसलिए जैसे ही ट्रेन आई बच्ची को धक्का दे दिया. अंजू मालाखेड़ी में कृषि विभाग में क्लर्क हैं. पहले पति की मौत के बाद में अंजू को वित्तीय संकट से बचने के लिए नौकरी दी गई थी. मां ने यह सब पूछताछ में कबूल किया है. पूरी घटना स्टेशन पर लगे हुए सीसीटीवी में कैद हो गई थी. मां पर कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई के लिए गिरफ्तार कर लिया गया है.
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