मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में डेढ़ महीने से लापता चल रही राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का पाल की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया. पुलिस ने आरोपी फास्ट फूड संचालक श्याम धानक को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी ने पूछताछ में अनुष्का की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली है. इस घटना के खुलासे के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है.
15 अप्रैल से थी लापता
दौराला थाना क्षेत्र के चिरोड़ी गांव निवासी नेमपाल की 17 वर्षीय बेटी अनुष्का पाल राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खिलाड़ी थी. वह 16 अप्रैल को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी. परिजनों ने काफी तलाश के बाद 28 अप्रैल को कंकरखेड़ा थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी. परिवार के अनुसार, अनुष्का हाल ही में गाजियाबाद में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता में भाग लेकर लौटी थी, जहां उसने 60 हजार रुपये का पुरस्कार भी जीता था.
किराए पर रहती थी अनुष्का
खेल अभ्यास में सुविधा के लिए अनुष्का ने कंकरखेड़ा के शोभापुर क्षेत्र में किराए का कमरा लिया हुआ था. कई दिनों तक संपर्क न होने पर परिजन उसके कमरे पर पहुंचे, लेकिन वह वहां नहीं मिली. इसके बाद परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. परिजनों ने पुलिस पर शुरुआती दौर में लापरवाही का आरोप भी लगाया था. हाल ही में अनुष्का के परिजन एडीजी जोन भानु भास्कर से मिले और बेटी की बरामदगी की मांग की. एडीजी के निर्देश के बाद पुलिस ने जांच तेज की और मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर श्याम धनक को हिरासत में लिया. पूछताछ में आरोपी ने हत्या की पूरी वारदात कबूल कर ली.
पैसों को लेकर हुआ था विवाद
पुलिस जांच में सामने आया है कि महज 3600 रुपये के विवाद में आरोपी ने अनुष्का की हत्या कर शव को नाले में फेंक दिया था. वारदात के बाद उसने सबूत मिटाने की कोशिश की और पुलिस को गुमराह करने के लिए मृतका का मोबाइल फोन दूसरी जगह फेंक दिया. पुलिस के अनुसार, 15 अप्रैल की रात दोनों के बीच पैसों को लेकर विवाद हुआ था. आरोपी ने बताया कि अनुष्का ने पुलिस में शिकायत करने की धमकी दी थी. इसी बात से नाराज होकर उसने अनुष्का को बुलाया, जबरन बीयर पिलाई और फिर ईंट से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी. बाद में शव को नाले में फेंक दिया और खुद चंडीगढ़ भाग गया.
पढ़ाई और खेल दोनों में प्रतिभाशाली
बेटी का शव मिलने की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया. पिता ने बताया कि अनुष्का पढ़ाई और खेल दोनों में प्रतिभाशाली थी तथा भविष्य में पुलिस अधिकारी बनना चाहती थी. वहीं मां ललिता अभी भी इस बात पर विश्वास नहीं कर पा रही हैं कि बरामद शव उनकी बेटी का ही है. पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.
