Prayagraj News: प्रयागराज में ‘बड़ा ताजिया मोहर्रम कमेटी’ की एक अहम बैठक में इस साल मोहर्रम के आयोजन को लेकर एक अत्यंत बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया गया है. कमेटी ने निर्णय लिया है कि इस बार मोहर्रम की नौवीं और दसवीं तारीख पर शहर की सड़कों पर पारंपरिक रूप से निकलने वाला बड़ा ताज़िए का जुलूस नहीं निकाला जाएगा.
इमामबाड़े में होगी इबादत
कमेटी द्वारा लिए गए फैसले के मुताबिक, ताज़िए के साथ निकलने वाला विशाल जुलूस इस बार पूरी तरह स्थगित रहेगा और कोई भी जुलूस सड़कों पर नहीं घूमेगा. हालांकि, अकीदतमंदों और जायरीनों की आस्था को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था दी गई है कि सभी जायरीन निर्धारित इमामबाड़े पर जाकर ही फातिहा पढ़ सकेंगे और शांतिपूर्ण ढंग से ताजिये की ज़ियारत (दर्शन) कर सकेंगे. इमामबाड़े के अंदर ही तमाम धार्मिक रस्में अदा की जाएंगी.
26 जून को यौमे आशूरा
आपको बता दें कि इस साल 26 जून 2026 को मोहर्रम की दसवीं तारीख यानी ‘यौमे आशूरा’ पड़ रही है. हर साल पारंपरिक रूप से दसवीं के मौके पर और उससे ठीक एक दिन पहले नौवीं की रात को प्रयागराज के विभिन्न संवेदनशील और ऐतिहासिक इलाकों से बड़ा ताज़िए का भव्य जुलूस निकाला जाता रहा है. इस ऐतिहासिक जुलूस में पूरी अकीदत के साथ लाखों जायरीनों का भारी मजमा और जनसैलाब उमड़ता है. इस भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए बड़ा मोहर्रम कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से यह अनुकरणीय फैसला लिया गया है, ताकि इबादत भी मुकम्मल हो सके और शहर की कानून-व्यवस्था व शांति सौहार्द भी बना रहे.
बता दें कि मोहर्रम की दसवीं (यौमे आशूरा) के मौके पर ताजिया और जुलूस निकलता है. 26 जून को इस बार मोहर्रम की दसवीं (यौमे आशूरा) की तारीख़ पड़ रही है. दसवीं के पहले नौवीं की रात में शहर के विभिन्न इलाकों में बड़ा ताज़िए का जुलूस निकलता रहा है. मोहर्रम के मौके पर बड़ा ताज़िए के जुलूस में जायरीनों का मजमा उमड़ता है.
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