हाल ही में पटना में बिहार विधानसभा चुनाव के बाद मेट्रो की शुरूआत की गई थी. बिहारवासियों को सुविधा देने के लिए इसका संचालन शुरू किया गया था. 6 अक्तूबर 2025 में बिहार में पहली बार मेट्रो का उद्धाटन किया गया.
सफर करने वाले लोगों की संख्या कम
हालांकि, कुछ ही दिनों बाद मेट्रो की स्थिति चौंका देने वाली है. जानकारी के मुताबिक मेट्रो में सफर करने वाले लोगों की संख्या काफी कम बताई जा रही है. सामने आया है कि पूरे मेट्रो में ऑफिस के समय में केवल 5, 8 आदमी सफर करते दिखाई देते हैं. कई लोगों ने मेट्रों की ऐसी हालात की वीडियो भी बनाया हुआ है. एक रिपोर्ट में बताया गया कि तीन डिब्बों में से 32 डिब्बे पूरी तरीके से खाली दिखाई देते हैं. एक डिब्बे में आदमी होते हैं. तो उनकी भी संख्या इतनी की उंगलियों पर लोग गिन ले.
दरअसल, बिहार में मेट्रों सुबह 8 बजे शुरू होती है और 8 बजे रात में चलना बंद होती है. पूरे दिन में 24 फेरे लगते हैं और किराया भी 15 रुपये हैं. रिपोर्ट में बताया गया कि औसतन यात्रियों की संख्या केवल 160 है. जहां मेट्रो किराए से 4-5 हजार आ पा रहे हैं. तो वहीं, मेट्रो के रख-रखाव और उसके मेंटेन करने का खर्चा 18 लाख आ रहा है.
हालांकि, शुरू में ऐसा नहीं था. मेट्रो के शुरू समय में ये संख्या 8 से 9 हजार के करीब थी.
क्या है इसका कारण
जानकारी के मुताबिक बिहार में चलाई जाने वाली मेट्रो केवल 3 स्टेशन तक ही है. अभी इसकी पहुंच पटना जंक्शन जैसी जगहों और जहां पर यात्री ज्यादा मिलेंगे वहां तक नहीं है. इसी कारण से लोगों की संख्या इतनी कम देखने को मिल रही है. संभावना जताई जा रही है कि अगले महीने मलाही तक मेट्रों को बढ़ाया जा सकता है.
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