समाज में अभी भी बिना शादी के किसी भी लड़का-लड़की को साथ रहना मान्य नहीं किया जाता है. दरअसल, कई बार बालिग लोग आपसी सहमति बिना शादी किए एक साथ रहना चाहते हैं, लेकिन समाज और घरवालों के डर से वह बिना विवाह के एक साथ नहीं रह पाते हैं. ऐसा ही एक मामला लोगों के बीच काफी ज्यादा चर्च में था. दरअसल, पंजाब और हरियाणा में हाईकोर्ट ने एक बड़ा फैसला लिया है.
क्या है पूरा मामला
हाल ही में मोहली के एक लिव इन में रह रहे कपल ने बताया कि उनके परिवार के सदस्यों द्वारा उन्हें बिना विवाह के साथ रहने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है. इसी कारण से 16 फरवरी के दिन पर दोनों ने SSP को सुरझा देने के लिए आवेदन दिया था. हालांकि, आवेदन करने के बाद भी दोनों को किसी भी प्रकार की सुरझा नहीं दी गई, जिसके बाद कोर्ट में यह फैसला गया था.
हाई कोर्ट ने SSP को निर्देश देकर कहा कि कपल को कौन धमकी दे रहा है. इसकी जांच की जाए. उनको उचित सुरक्षा भी मुहैया कराई जाए. साथ ही कोर्ट ने कहा कि भारतीय संविधान की धारा 21 में देश के हर व्यक्ति को कुछ मौलिक अधिकार होते हैं. वह अपनी निजी जिंदंगी के फैसले ले सकता है. अगर कोई भी बालिग कपल सहमति के साथ बिना शादी किए रहना चाहता है. तो उस बीच समाज की पुरानी सोच और नैतिकता का हवाला देकर उन्हें नहीं रोका जा सकता है. ये सविंधान के नियमों के विपरित कार्य करना हुआ.
साथ ही कोर्ट ने एक बात पर काफी ज्यादा जोर देते हुए कहा कि हर व्यक्ति अपना जीवन साथी अपनी मर्जी से चुन सकता है. चाहे वह लिव इन में क्यों न रह रहा हो. कोर्ट ने ऐसे बच्चों को सुरक्षा देने की बात की है. उन्होंने कहा कि अगर कोई बालिग कपल लिव इन में रहता है और उसे जान का खतरा महसूस होता है. तो आसानी से सुरक्षा की मांग कर सकता है.
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