Prayagraj News: आदिगुरु शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार पीठों के बाद अब किन्नर समुदाय ने अलग शंकराचार्य पीठ स्थापित करने का ऐलान किया है. किन्नर समुदाय से पुष्कर पीठ का नया शंकराचार्य घोषित किया जाएगा.
प्रयागराज: देश में पहली बार किन्नर समुदाय अपना अलग ‘शंकराचार्य’ नियुक्त करने जा रहा है. किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजय दास ने घोषणा की है कि ‘किन्नर जिहाद’ और समुदाय के भीतर बढ़ रहे धर्मांतरण के खतरों से निपटने के लिए महाशिवरात्रि के दिन किन्नर समुदाय अपने ‘शंकराचार्य’, ‘महामंडलेश्वर’ और ‘महंत’ बनाएगी. किन्नर समुदाय से पुष्कर पीठ का नया शंकराचार्य घोषित किया जाएगा. समुदाय 15 फरवरी के आयोजन की तैयारियों में जुटा है.
कहां होगा भव्य आयोजन
आगामी 15 फरवरी को भोपाल के लालघाटी के पास महाशिवरात्रि के दिन सुबह 10 बजे से नए शंकराचार्य के पट्टाभिषेक कार्यक्रम शुरू होगा, इस समारोह के दौरान चुने गए ‘शंकराचार्य’ की पहचान सार्वजनिक की जाएगी. इस आयोजन को समुदाय के लिए ऐतिहासिक बताया जा रहा है, क्योंकि पहली बार इस तरह की धार्मिक पद व्यवस्था बनाई जा रही है.
विधिवत् वैदिक परंपरा के अनुसारपट्टाभिषेक
किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजयदास ने किन्नर समुदाय से शंकराचार्य बनाने का ऐलान किया है. महाशिवरात्रि के पर्व पर विधिवत् वैदिक परंपरा के अनुसार शंकराचार्य का पट्टाभिषेक होगा.
250 किन्नरों की सनातन धर्म में वापसी
किन्नर अखाड़ा संस्थापक स्वामी ऋषि अजयदास जी महाराज ने बताया कि किन्नर अखाड़े के नए शंकराचार्य के पट्टाभिषेक कार्यक्रम में मुस्लिम और ईसाई धर्म में जा चुके 250 किन्नरों की सनातन धर्म में वापसी कराई जाएगी. किन्नर अखाड़े के घोषित होने वाले नए शंकराचार्य देशभर में किन्नरों की सनातन धर्म में वापसी की मुहिम चलाएंगे.
कब हुई थी किन्नर अखाड़े की स्थापना
किन्नर अखाड़ा की स्थापना 13 अक्टूबर 2015 को हुई थी. प्रसिद्ध किन्नर अधिकार कार्यकर्ता लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी और अन्य किन्नर नेताओं द्वारा उज्जैन में इसकी स्थापना की गई थी. यह अखाड़ा मुख्य रूप से जूना अखाड़ा के अधीन काम करता है और 2016 के सिंहस्थ कुंभ में पहली बार शामिल हुआ था.
