4 मई के दिन चुनाव के नतीजे आए थे. जहां तमिलनाडु में 108 सीटों को प्राप्त कर विजय की पार्टी TVK चुनाव में सबसे बहुमत वाली पार्टी बनी थी. हालांकि, सबसे बहुमत वाली पार्टी होने के बाद में भी विजय के आगे मुश्किलें आ गई. इन अटकलों की वजह से उनके शपथ ग्रहण को टाल दिया गया है.
क्या हैं वजह
बता दें कि विजय को चुनाव के समय सबसे ज्यादा सीटें मिली थी. हालांकि, विजय के सामने दिक्कत यह आई हैं कि सरकार बनाने के लिए उनके पास कुल 118 सीटें होनी चाहिए थी. पार्टी के पास में लेकिन 108 ही सीटें है. इसी की वजह से उनको इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
राज्यपाल ने मांगा 118 विधायक का समर्थन
राज्यपाल ने पार्टी से 118 विधायकों का समर्थन पत्र मांगा है, जिसके बाद कांग्रेस TVK के साथ में खड़ी दिखाई दी और अपने 5 विधायकों का समर्थन देने की बात की. कांग्रेस का सपोर्ट पाने के बाद में पार्टी के पास में 112 विधायकों को समर्थन पत्र है.
अन्य दलों से हो रही बातचीत
जानकारी के अनुसार, बाकी के समर्थन के लिए पार्टी अब अन्य दलों VCK, PMK और वामपंथी दलों के साथ में बातचीत को हो रही है. हालांकि, राज्यपाल के फैसले के बाद में विजय की पार्टी कानूनी सलाह का फैसला भी ले सकती है.
कांग्रेस ने लगाए आरोप
राज्यपाल के इस फैसले के बाद में कांग्रेस ने कई आरोप लगाए है. कांग्रेस ने कहा हैं कि बहुमत के बाद में भी विजय को फजूल में परेशान किया जा रहा है. पार्टी को कम से कम एक बार सरकार बनाने का मौका देना चाहिए.
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