UK pm keir starmer order seize russian oil: ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने रूसी ‘शैडो फ्लीट’ के तेल टैंकरों को बीच समंदर में रोकने और जब्त करने के सैन्य आदेश जारी किए हैं ताकि यूक्रेन युद्ध के लिए पुतिन की फंडिंग रोकी जा सके. रूस अपने 75 प्रतिशत कच्चे तेल का निर्यात इन्हीं पुराने और बिना पहचान वाले जहाजों से कर रहा है, जिन पर ब्रिटेन ने अब तक 544 प्रतिबंध लगाए हैं.

UK pm keir starmer order seize russian oil: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने रूस के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने अपनी सेना और सुरक्षा एजेंसियों को आदेश दिया है कि वे उन रूसी जहाजों को रोक सकते हैं या उन पर कब्जा कर सकते हैं, जो पश्चिमी देशों की पाबंदियों को नजरअंदाज करके तेल बेच रहे हैं. सरकार का कहना है कि इन जहाजों से होने वाली कमाई का इस्तेमाल रूस यूक्रेन के खिलाफ चल रहे युद्ध में कर रहा है. इसलिए इस नेटवर्क को रोकना जरूरी माना जा रहा है.
स्टारमर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस मुद्दे को लेकर कड़ा बयान भी दिया. उन्होंने कहा कि रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin इस समय मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से खुश नजर आ रहे हैं. उनका मानना है कि तेल की कीमतें बढ़ने से रूस को ज्यादा पैसा मिलेगा. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने कहा कि पुतिन शायद अभी खुशी जता रहे हों, लेकिन ब्रिटेन उनके गुप्त जहाजी नेटवर्क पर सख्ती से कार्रवाई करेगा. उन्होंने कहा कि इसका मकसद सिर्फ ब्रिटेन की सुरक्षा नहीं है, बल्कि यूक्रेन में जारी युद्ध को कमजोर करना भी है.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन की सरकार ने सेना और पुलिस को पूरी तैयारी के साथ आगे बढ़ने को कहा है. अगर कोई रूसी जहाज रुकने से इनकार करता है या पकड़े जाने से बचने की कोशिश करता है, तो उस पर चढ़कर कार्रवाई की जा सकती है. ऐसे जहाजों के मालिक और क्रू मेंबर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी होगी. बताया जा रहा है कि रूस लंबे समय से इसी तरीके से अपने तेल का कारोबार चला रहा है और इससे अपनी अर्थव्यवस्था को सहारा दे रहा है.
रूस के पास पुराने और बिना स्पष्ट पहचान वाले टैंकरों का एक बड़ा नेटवर्क है, जिसे “शैडो फ्लीट” कहा जाता है. रूस अपने करीब 75 प्रतिशत कच्चे तेल का निर्यात इन्हीं जहाजों के जरिए करता है. इसका मकसद पश्चिमी देशों की पाबंदियों से बचना होता है. ये जहाज अक्सर काफी पुराने होते हैं और उनकी हालत भी खराब रहती है. विशेषज्ञों का कहना है कि इनसे कभी भी समुद्र में तेल रिस सकता है. इससे समुद्री पर्यावरण और जीव-जंतुओं को बड़ा नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है.
इस बीच रूस पर दबाव बनाने की कोशिशों को तब झटका लगा जब अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के प्रशासन ने कुछ देशों को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की राहत दे दी. उनका कहना था कि इससे वैश्विक बाजार को स्थिर रखने में मदद मिलेगी. हालांकि ब्रिटेन ने अब तक रूस के 544 जहाजों पर प्रतिबंध लगा दिया है, जो अक्सर इंग्लिश चैनल से गुजरते हैं. अब स्टारमर हेलसिंकी में होने वाली अंतरराष्ट्रीय बैठक में दूसरे देशों से भी अपील करेंगे कि वे इन जहाजों के खिलाफ कार्रवाई में ब्रिटेन का साथ दें.
