देश में इन दिनों अंकिता हत्याकांड दोबारा से सुर्खियों में आ गया है. उत्तराखंड में जगह-जगह पर अंकिता हत्याकांड को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं. इन सभी के बीच भाजपा के महासचिव दुष्यंत गौतम ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक मुकदमा दायर की, उन्होंने उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के साथ कई लोगों और संगठनों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया. दुष्यंत गौतम का कहना है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में उनका नाम निर्दोष होने के बाद भी जोड़ा जा रहा है और सोशल मीडिया पर उनके नाम को लेकर पोस्ट की जा रही हैं. दुष्यंत गौतम का कहना है कि इन सभी चीजों से उनकी राजनीतिक और व्यक्तिगत छवी को काफी नुकसान हुआ है.
अब भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर का एक नया ऑडियो वायरल हुआ है, जिसमें उन दोनों के बीच दुष्यंत गौतम के नाम को बदनाम करके की बात हो रही है.
तुमने मेरे साथ धोखेबाजी की- सुरेश राठौर
वायरल हो रहे ऑडियो में उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के बीच बात होती है, जिसमें सुरेश राठौर कहता है कि तुमने मेरे साथ धोखेबाजी की है. जिसके बाद उर्मिला सुरेश से दुष्यंत के लिए कहती है, कि तुम्हें क्या लगता है कि उसने मुझे तुम्हारे लिए फिरौती दे रखी है. जिसके बाद सुरेश कहता है कि हमें नहीं पता, तेरी दुष्यंत गौतम, सुरेंद्र शर्मा और अभिषेक से बात हुई है.
अगर मेरी उनके बात की एक कॉल ला दो तो डिवोर्स दो दूंगी- उर्मिला सनावर
वायरल ऑडियो में सुरेश उर्मिला से कहता है, कि तुम्हारी उन तीनों लोगों से बात होती है, जिसके जवाब में उर्मिला कहती है, कि अगर आप मेरी एक भी कॉल ला दोगे उनके साथ तो उसी दिन आपको डिवोर्स दे दूंगी. जिसके बाद सुरेश राठौर कहता है कि हमें पता है कि तूने, सुरेंद्र शर्मा, दुष्यंत गौतम या अभिषेक के कहने पर दुष्यंत गौतम का नाम नहीं लिया है. जिसके बाद उर्मिला कहती है कि तुम शादी कबूल करना चाहते ही नहीं थे, बल्कि तुम तो दुष्यंत को बर्बाद करना चाहते थे सच्चाई तो यह है.
तुझे मेरा नहीं बल्कि दुष्यंत का दर्द है- सुरेश राठौर
सुरेश राठौर उर्मिला सनावर से कहता है कि तुझे मेरा दर्द नहीं है बल्कि तुझे दुष्यंत का दर्द है. सुरेश कहता है कि तुझे मेरा दर्द आज तक हुआ ही नहीं है, जिसके बाद में उर्मिला कहती है कि मुझे दुष्यंत गौतम का क्या दर्द होता, जो बात है वो बात है, तुमने जबरदस्ती मुझे आरोपी बनवाकर मेरे ऊपर मानहानि और ब्लैकमेलिंग का मुकदमा दर्ज करवाकर तुम मुझे जेल भेज देते. उर्मिला की इस बात पर सुरेश करता है कि तुझे आज भी दुष्यंत का दर्द है और तुझे सुरेश का दर्द कभी हुआ ही नहीं है, इसीलिए मेरी तुझसे दूरियां हैं.
धोखेबाजी किसको कहते हैं वैसै- सुरेश राठौर
उर्मिला से बात करते हुए सुरेश कहता है कि धोखेबाजी किसको कहते हैं वैसै, जो तुने मुझसे वादे किए थे तुने वो नहीं पूरे किए ना. सुरेश की इस बात के बाद उर्मिला कहती है कि जो मुझसे मीडिया वालों ने पूछा मैंने उसका ही जवाब दिया. जिसके बाद सुरेश कहता है कि जो तूने मुझसे वादे किए थे, उन पर तू खरी नहीं उतरी है. जिसके बाद उर्मिला कहती है कि मैं उन सभी वादों पर खरी उतरी हूं.
दुष्यंत के लिए ही प्रेस कांफ्रेंस रखी थी क्या- उर्मिला
सुरेश राठौर की बात सुनने के बाद में उर्मिला बोलती है कि फिर वो प्रेस कांफ्रेंस क्या सिर्फ दुष्यंत के लिए ही रखी थी क्या? जिसके बाद सुरेश कहता है कि दुष्यंत की पोल खोलने की बात हुई थी कि प्रेस कांफ्रेंस में दुष्यंत की पोल खुलेगी. इसके बाद सुरेश कहता है कि तुझे मालूम थआ कि अगर दुष्यंत की पोल नहीं खुलेगी तो मेरा तो निष्कासन होना ही था. सुरेश कहता है कि तुझे मालूम था कि अगर तू उसका नाम नहीं लेगी तो मेरा निष्कासन हो जाएगा. इसके बाद उर्मिला कहती है कि हां अभी उसका चार्जशीट भी नहीं लगी और मैं कह देती कि हत्या में दुष्यंत का हाथ है और मैं जेल चली जाती.
वो देश की महामंत्री है मुझे जेल भेज देता- उर्मिला सनावर
सुरेश राठौर की बात सुनने के बाद में उर्मिला कहती है कि अगर मैं उसके लिए कुछ बोलती तो वो देश का महासचिव है, मुझे तुरंत ही जेल भेज देता और कहता कि मैंने कौनसी तेरी हत्या करवाई और मैंने कौनसी तेरे डकैती डलवाई. जबकि तुम्हारा खुद पदम बोलता है कि 6 गोलियां तुमने दी थीं. जिसके बाद सुरेश कहता है कि चलो मैंने गोलियां दी थीं, तो तू वो जाकर लिखवा दे मुकदमें. मुझसे क्यों बहस कर रही है. सुरेश कहता है कि तू नई-नई बातें पैदा कर रही है, जो दूरियां बनाती हैं. सुरेश कहता है कि तू दुष्यंत की लिखा दे और तू पदम की लिखा दे.
आपको दुष्यंत गौतम ही रहता है 24 घंटे- उर्मिला सनावर
सुरेश राठौर से बात करते हुए उर्मिला सनावर कहती है कि आप एक बात बताओ 24 घंटे आपको दुष्यंत के आलावा सोते-जगते , उठते-बैठते हर समय दुष्यंत गौतम ही रहता है. जिसके बाद सुरेश कहता है कि तू मुझसे मत पूछ. जिसके बाद उर्मिला कहती है कि हमें कुछ नहीं पूछना है तुमसे. उर्मिला कहती है कि दिलीप कह रहा था कि वहां के लोगों ने साइन करके दिए थे.
इस ऑडियो के वायरल होने के बाद में सीधे तौर पर सामने आ गया है, कि भाजपा के महासचिव दुष्यंत गौतम को अंकिता भंडारी केस में किस तरह से बदनाम करने की साजिश चल रही है.
