उत्तर प्रदेश के बदायूं में माघ मेले के तहत निकाली जा रही प्रभात फेरी के समय हालात काफी बेकाबू हो गए. पुलिस ने स्थिति बिगड़ने के बाद में लाठीचार्ज कर दी. इस दौरान महिलाओं और बच्चों समेत कई लोग घायल हो गए.
बदायूं में पुलिस ने किया लाठीचार्ज
उत्तर प्रदेश के बदायूं शहर में शुक्रवार को पुलिस ने लाठीचार्ज कर दी. बताया जा रहा है कि बदायूं जिले के इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गांव ब्योर कासिमाबाद में माघ माह के तहत प्रभात फेरी निकाली जा रही थी. इसी दौरान हालात बेकाबू हो गए और पुलिस को स्थिति संभालने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा. जिसके बाद पूरे इलाके में भगदड़ मच गई.
प्रभात फेरी के रास्ते को लेकर हुआ विवाद
गांव वालों का कहना है कि वे सभी सालों प्रभात फेरी निकालने वाले रास्ते से पूरा शांति के साथ में प्रभात फेरी निकाल रहे थे. इसी दौरान दूसरे समुदाय के लोगों ने आपत्ति जताई और प्रशासन ने इसे विवादित रास्ता बताते हुए प्रभात फेरी को रोक दिया. जिसके बाद कहासुनी बढ़ गई और हालात बेकाबू हो गए. हालातों को बेकाबू होते देख पुलिस प्रशासन ने बल का इस्तेमाल करते हुए लाठीचार्ज की. इस दौरान भगदड़ मच गई और कई लोग घायल हो गए.
मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी
इसकी सूचना मिलते ही हालातों को सामान्य बनाने के लिए SDM बिसौली राशि कृष्णा और CO बिल्सी सहित कई थानों की पुलिस और PAC मौके पर पहुंच गई. SP देहात डॉ. हृदेश कठेरिया ने गांव पहुंचकर लोगों को समझाया. इस पूरे मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था को बनाने के लिए इस तरह का एक्शन लेना पड़ा था.
पुलिस की मौजूदगी में निकाली गई प्रभात फेरी
इस पूरे मामले के बाद में प्रशासन ने भी माना कि सालों से प्रभात फेरी इसी रास्ते से निकलती हुई आई है. जिसके बाद में पुलिस की मौजूदगी में प्रभात फेरी को निकाला गया. इस पूरी घटना के बाद गांव के लोगों के अंदर गुस्सा भर गया है. इस पूरे मामले को लेकर घायल लोगों के परिवार वाले और स्थानीय लोग पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
बजरंग दल ने जताया विरोध
इसी के साथ माघ यात्रा रोके जाने को लेकर नाराज बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इस्लामनगर थाने के गेट पर विरोध जताते हुए हनुमान चालीसा का पाठ किया है. गांव बालों के मुताबिक लगभग 10 साल पहले समाजवादी पार्टी की सरकार के समय पर एक समुदाय की आपत्ति के बाद में प्रभात फेरी का रास्ता बदला गया था, जिसके बाद इस बार फिर पुराने रास्ते से फेरी को निकालने को लेकर विवाद बढ़ा है. इस पूरी घटना के बाद में इलाके में भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया है.
