Uttrakhand janaganna 2027: उत्तराखंड में बहुप्रतीक्षित डिजिटल जनगणना का बिगुल बज चुका है. केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद राज्य में इसकी तैयारियां तेज हो गई हैं. यह जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक रहने वाली है. क्योंकि इसमें पहली बार डिजिटल डेटा कलेक्शन के साथ-साथ जातिगत डेटा भी शामिल किया जाएगा.
जानें कब से शुरू होगी प्रक्रिया?
उत्तराखंड में जनगणना का कार्य दो मुख्य चरणों में पूरा किया जाएगा
पहला चरण (मकानों की सूची और गणना)
उत्तराखंड में इसकी शुरुआत 10 अप्रैल 2026 से होगी.
10 से 24 अप्रैल तक ‘सेल्फ-इन्यूमेशन’ (स्वयं गणना) का विकल्प रहेगा.
फिर जिसके बाद 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे.
बर्फबारी वाले क्षेत्र
राज्य के उच्च हिमालयी और बर्फबारी वाले क्षेत्रों में यह प्रक्रिया सितंबर 2026 तक पूरी कर ली जाएगी.
जानिए दूसरा चरण (जनसंख्या गणना)
यह मुख्य चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा, जिसमें व्यक्तियों की विस्तृत जानकारी ली जाएगी.
33 सवालों की लिस्ट
जनगणना के पहले चरण में कुल 33 सवाल तय किए गए हैं. इनका मुख्य उद्देश्य परिवार की आर्थिक स्थिति और सुविधाओं को जानना होगा.
मकान की स्थिति,बुनियादी सुविधाएं संपत्ति और डिजिटल कनेक्टिविटी आदि की जानकारी,मुख्य अनाज
जानिए जातिगत जनगणना पर बड़ा अपडेट
इस बार की जनगणना में जाति (Caste) का कॉलम भी शामिल किया गया है.
मिलिट्री जैसी सुरक्षा
चूंकि यह पूरी तरह से डिजिटल जनगणना है, इसलिए डेटा की सुरक्षा को लेकर अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं.
डेटा एनक्रिप्शन, मल्टी-लेयर सुरक्षा,गोपनीयता
28,000 कर्मियों की ड्यूटी
उत्तराखंड में जनगणना के लिए 28,000 कर्मियों की ड्यूटी लगाई जा रही है.
नोट
जनगणना के दौरान आने वाले अधिकारियों को सही जानकारी देना कानूनी रूप से अनिवार्य है. यह डेटा आने वाले दशक में उत्तराखंड के विकास की योजनाओं का आधार बनेगा.
