अयोध्या के राम मंदिर में दान चोरी मामले में राजनीति भी तेज हो गई है. अब AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय के ऊपर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उनके अलावा और भी लोग चंपत राय पर आरोप लगा चुके हैं.

चंपत राय पर गंभीर आरोप
अयोध्या के राम मंदिर में दान चोरी का मामला इस समय गरमाया हुआ है. इस मामले को लेकर विपक्षी पार्टियां लगातार राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय के ऊपर कई गंभीर आरोप लगा रही हैं. अब आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी चंपत राय के ऊपर आरोपी लगाया है. उन्होंने कहा कि राम मंदिर के नाम पर देश के कोने-कोने से मिले पैसे से अयोध्या में कम पैसे की जमीन को ज्यादा रेट में खरीदा गया.
दाम से ज्यादा दामों में खरीदी जमीन
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि जमीन की खरीद फरोख्त के दौरान जमकर भ्रष्टाचार हुआ है. इस दौरान उन्होंने कहा कि 2 अप्रैल 2024 को चंपत राय ने अयोध्या में 645 वर्ग मीटर की एक नजूल जमीन को खरीदा था. उन्होंने बताया कि इस जमीन की कीमत 2 करोड़ 92 लाख रुपए थी, लेकिन चंपत राय ने इसे 24 करोड़ रुपयों में खरीदा था. उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन को खरीदे में राम मंदिर के पैसे का इस्तेमाल किया गया.
सरकारी जमीन को खरीदा
इस दौरान संजय सिंह ने आरोप लगाया कि 22 जुलाई 2024 को अयोध्या के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट ने पुष्टि की कि खरीदी जाने वाली जमीन वास्तव में नजूल यानी कि सरकारी थी. उन्होंने कहा कि इससे साफ पता लग लहा है कि सौदा गैर-कानूनी था. संजय सिंह ने कहा कि नजूल जमीन को खरीदा या फिर बेचा नहीं जा सकता क्योंकि यह सरकार की जमीन होती है.
महंत मुरली दास ने बेची थी जमीन
इस जमीन को लेकर संजय सिंह ने आरोप लगाया कि जमीन बेचने वाले महंत मुरली दास थे. उन्होंने बताया कि बाबा पूरन दास के शिष्य महंत मुरली दास ने इस जमीन को बेचा था और चंपत राय ने इसे खरीदा था. वहीं इस दौरान मिथिलेश्वर नाम के एक व्यक्ति ने गवाह के तौर पर काम किया था. आपको बता दें कि इससे पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी चंपत राय पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि मंदिर के दान में करोड़ों की हेराफेरी होने में चंपत राय का अहम रोल है, क्योंकि मंदिर का सब कुछ चंपत राय के हाथ में ही है.
