उत्तराखंड में मौजूद आदि कैलाश और ओम पर्वत आज पूरे देश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बनकर उभर रहा है. मुख्यमंत्री धामी के विकास मॉडल के तहत इस यात्रा को लेकर काफी विकास किया गया है.

आस्था का केंद्र बन रहे आदि कैलाश और ओम पर्वत
उत्तराखंड में हिमालय की गोद में बसा आदि कैलाश और ओम पर्वत आज के समय में पूरे देश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था और आध्यात्म का केंद्र बन गए हैं. एक समय पर इन जगहों पर पहुंच पाना काफी परेशानी और चुनौतियों से भरा हुआ था, जिसके कारण सिर्फ कुछ श्रद्धालु ही इस यात्रा को पूरा कर पाते थे. अब उत्तराखंड की इस यात्रा की तस्वीर काफी तेजी के साथ बदल रही है.
धामी सरकार तेजी से कर रही विकास
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार और विकास कार्यों के कारण क्षेत्र की तस्वीर काफी तेजी के साथ बदल रही है. आपको बता दें कि अब आदि कैलाश यात्रा को लेकर लोगों के अंदर लगातार उत्साह बढ़ रहा है. आंकड़ों के मुताबिक साल 2025 में लगभग 36,456 श्रद्धालुओं ने आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन किए थे. वहीं इस बार साल 2026 में सिर्फ 2 महीनों के अंदर ही 52,250 से ज्यादा श्रद्धालु यहां पहुंच चुके हैं.
साल 2023 में किया पीएम मोदी ने दौरा
आपको बता दें कि साल 2023 में मुख्यमंत्री धामी ने पीएम मोदी को आदि कैलाश का दौरा करने का आमंत्रण दिया था. जिसके बाद उन्होंने इस यात्रा को किया था. पीएम मोदी के दौरे के बाद आदि कैलाश को एक नई पहचान मिली. इस यात्रा को सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए राज्य सरकार ने यहां सड़क,परिवहन, आवास और बाकी सुविधाओं के विकास पर काम किया.
3 सालों में 284 टैक्सी रजिस्टर्ड
श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए सरकार ने ऑनलाइन इनर लाइन परमिट, सड़कें और होमस्टे जैसी सुविधाओं का विस्तार किया. आदि कैलाश यात्रा की लोकप्रियता काफी तेजी के साथ बढ़ रही है. इसकी लोकप्रियता बढ़ने से स्थानीय लोगों को भी काफी फायदा मिला है. जानकारी के मुताबिक पिछले 3 सालों में इस क्षेत्र में 284 नए टैक्सी वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ है, इन वाहनों में 93 कैंपर और 191 मैक्स वाहन शामिल हैं.
अपने क्षेत्र में मिल रहा रोजगार
ओम पर्वत और धारचूला से आदि कैलाश मार्ग के पास में रहने वाले लगभग 10 हजार लोगों की जिंदगी अब इस यात्रा के साथ जुड़ गई है. जिससे युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिल रहा है. लगभग 70 से 80 परिवारों ने अपने घरों को पर्यटन विभाग के तहत होमस्टे मके रूप में रजिस्टर कराया है. आपको बता दें कि 2026 में अभी तक 47 नए होमस्टे रजिस्टर हो चुके हैं. वहीं 827 होमस्टे पहले से संचालित किए जा रहे हैं.
इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बदलाव
धामी सरकार ने इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव किए हैं. धारचूला से आदि कैलाश तक लगभग 115 किमी की सड़क का डामरीकरण किया जा चुका है और इसके अलावा इस मार्ग पर 10 नए पुलों का भी निर्माण किया गया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विकास नीति से इस यात्रा को एक नया रूप मिला है और लोग अब इस यात्रा को सरलता से पूरा कर पा रहे हैं.
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