उत्तराखंड में अवैध निर्माणों के खिलाफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है. इसी के चलते अब उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सरकारी जमीन पर बने अवैध धार्मिक ढांचों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन हुआ है. इस धार्मिक ढांचे के विरुद्ध में जिला प्रशासन और मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने कड़ी कार्रवाई की है.
उत्तराखंड में आधी रात चला बुलडोजर
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में गुरुवार को आधी रात में बुलडोजर एक्शन हुआ है. देहरादून में घंटाघर क्षेत्र में सरकारी जमीन पर बनी एक अवैध मजार को प्रशासन और MDDA ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उसको गिरा दिया है. इस कार्रवाई को इतनी तेजी के साथ और गुप्त तरीके के साथ में किया गया कि अतिक्रमणकारियों को इस मामले में सोचने समझने का मौका ही नहीं मिला है.
MDDA ने पहले ही जारी किया था नोटिस
देहरादून में इस कार्रवाई को शासन के आदेशों और कुछ समय पहले जारी किए गए नोटिस के बाद में किया गया है. उत्तराखंड में प्रशासन और प्रधिकरण का साफ कहना है कि सरकारी जमीन पर किसी भी रूप में किया गया अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. MDDA ने पहले ही नोटिस जारी किया था कि घंटाघर के पास में मौजूद डिस्पेंसरी रोड एचएनबी कॉम्प्लेक्स के परिसर में बनी हुई मजार सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई है.
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मजार प्रबंधन को दिया था 7 दिन का समय
इस मजार के निर्माण से सार्वजनिक सुविधाओं में काफी ज्यादा बाधा आ रही थी. इस मजार के अवैध निर्माण को क्षेत्र में यातायात और सुरक्षा में भी काफी संवेदनशील माना जा रहा था. इस मजार के प्रबंधन को 7 दिन का समय प्राधिकरण द्वारा दिया गया था और इस मजार के स्वामित्व और इसके निर्माण से जुड़े हुए सभी रिकॉर्ड दिखाने को लेकर निर्देश दिए थे, लेकिन इन 7 दिनों में किसी भी तरह के कोई डॉक्यूमेंट्स नहीं दिखाए गए.
रात के समय में हुई कार्रवाई
इस कार्रवाई को रात के समय में किया गया है, जिससे कानून व्यवस्था बनी रहे. इस कार्रवाई को कानून व्यवस्था को बनाए रखने और किसी भी तरह की घटना और हिंसा से बचने के लिए प्रशासन ने देर रात में किया है. इस कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल और MDDA की प्रवर्तन टीम तैनात थी. इन सभी की मौजूदगी में कुछ ही घंटों में इस कार्रवाई को अंजाम देते हुए मजार को गिरा दिया गया. इस कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह का कोई हंगामा नहीं हुआ है. इस कार्रवाई के दौरान मजिस्ट्रेट के साथ में पुलिस अधिकारी और MDDA के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे हैं.
