Uttarkashi unique Holi: उत्तरकाशी जनपद में एक अनूठी होली भी खेली जाती है, जिसमें शिव भक्त एक-दूसरे पर भस्म लगाकर नाचते झूमते हैं. जिले में विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर में होली से पहले दिन अनूठी भस्मी होली खेली गई. जिसमें शिव भक्तों ने एक दूसरे पर भस्म लगाकर नाचते झूमते नजर आए. काशी विश्वनाथ मंदिर में आज भव्य रूप से भस्म की होली खेली गई. भस्म की होली का आयोजन करीब 10 सालों से प्रतिवर्ष किया जा रहा है. मंदिर में वर्ष भर होने वाले यज्ञों की भस्म को स्थानीय निवासी एक दूसरे पर लगाने के साथ ही प्रसाद के रूप में घर भी ले जाते हैं. इतना नहीं विदेशी श्रद्धालुओं ने भी जमकर भस्मी होली का लुप्त उठाया.
भस्म उड़ाकर होली की शुरुआत
उत्तरकाशी में आज काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में सुबह की आरती के बाद सबसे पहले स्वयं भू शिवलिंग पर हवन कुंड व धूनी को भस्म लगाकर आशीर्वाद लिया. इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच स्वाति वाचन के साथ मंदिर के महंत ने हवा में भस्म उड़ाकर भस्म होली की शुरूआत की
उज्जैन के महाकाल की तर्ज पर मनाई जाती है होली
उज्जैन के महाकाल मंदिर की तर्ज पर भस्म की होली खेली गई. इसके साथ सभी ने एक दूसरे पर भस्म लगाकर होली खेली. इसके साथ ही श्रद्धालुओं ने ढोल नगाड़ों पर जमकर नृत्य किया और बाबा भोलेनाथ के भजन गाकर जमकर भस्म की होली का आनंद लिया.सालभर में लोग अपने दुखों, तकलीफों को दूर करने के लिए आहुतियां देते हैं, उसी की राख को भगवान के प्रसाद के रूप में लगाकर भस्म होली खेली जाती है. इसके साथ भस्म की होली प्राकृतिक होली को भी बढ़ावा देती है.
प्रमुख शिव मंदिरों में से एक है यह मंदिर
उत्तरकाशी स्थित प्राचीन काशी विश्वनाथ मंदिर देश के प्रमुख शिव मंदिरों में से एक माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि प्राचीन काशी विश्वनाथ मंदिर की स्थापना भगवान परशुराम ने की थी.
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