झारखंड के बोकारो से हैरान कर देने वाला मामला सामने आ रहा है. दरअसल, यहां पर एक युवती का अपहरण कर हत्या करने पर पुलिस का लापरवाही और पैसे लेकर आरोपी को बचाने की बात सामने आ रही है. मामले के बाद पूरे इलाके में सनसनी का माहौल है.
जानकारी के अनुसार पिंडराजोरा थाना क्षेत्र के खूंटाडीह गांव की निवासी रेखा देवी अपनी 18 वर्षीय बेटी के गायब होने पर अपहरण की शिकायत लिखवाने गई थी. 24 जुलाई 2025 के दिन वह थाने में गई लेकिन पुलिस ने उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया. साथ ही FIR दर्ज कराने में भी करीब 10 दिन लगा दिए. परिवार बार-बार पुलिस से कार्रवाई की मांग करता रहा फिर भी कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया.
साथ ही परिवार ने दिनेश महतो नामक व्यक्ति पर शुरू से शक जताया था और पूछताछ करने के लिए कहा था. इसके बावजूद उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया. परिवार ने बताया कि दोनों के बीच में प्रेम प्रसंग चल रहा था. पुलिस लेकिन कार्रवाई की जगह दिनेश को बचाते हुए दिखाई दी.
पुलिस से किसी भी तरह की मदद नहीं मिल पाने के बाद में पीड़ित परिवार हाईकोर्ट में न्याय की मांग के लिए पहुंचा. परिवार की मांग को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने बोकारो पुलिस को फटकार लगाते हुए एसआईटी का गठन किया. पहली टीम भी जांच को सही दिशा में ले जाने पर असफल रही, जिसके बाद में हाईकोर्ट ने बोकारो एसपी हरविंदर सिंह ने सिटी डीएसपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया.
नई टीम के केवल 24 घंटे के अंदर ही पूरे मामले को सुलझा दिया. साथ ही दिनेश महतों से पूछताछ में पूरा मामला सामने आया. उसने अपना जुर्म कबूल किया, जिसके बाद में जंगल से लड़की का कंकाल और हत्या में प्रयुक्त चाकू भी निकाला गया. चौंकाने वाली बात तो यह हैं दिनेश ने पुलिमकर्मियों पर उसे बचाने के लिए पैसे के लेन देन की बात भी बताई. 5 असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर, 11 आरक्षी, 2 हवलदार और 10 सब-इंस्पेक्टर दिनेश महतो को बचाने में लगे हुए थे. सभी 28 पुलिसकर्मियों को निलंबित और आरोपी दिनेश महतो को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया.
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