दिल्ली में एक बार फिर क्लाउड सीडिंग ट्रायल करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं. IIT कानपुर ने सिविल एविएशन महानिदेशालय (DGCA) से मंजूरी मांगी है. आपको बता दें कि पहले भी दिल्ली में क्लाउड सीडिंग ट्रायल हो चुका है.
दिल्ली में क्लाउड सीडिंग के ट्रायल की तैयारियां
राजधानी दिल्ली में प्रदूषण और खराब हवा से राहत पाने के लिए एक बार फिर से क्लाउड सीडिंग यानी कृत्रिम वर्षा का ट्रायल करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं. जानकारी के मुताबिक गर्मी के मौसम में IIT कानपुर, दिल्ली में क्लाउड सीडिंग के लिए नई कोशिश कर सकता है. आपको बता दें कि IIT कानपुर और दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग के बीच में एक समझौता हुआ था.
पर्यावरण विभाग और IIT कानपुर के बीच समझौता
आपको बता दें कि दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग और IIT कानपुर के बीच एक समझौता हुआ था, जिसके बाद अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में क्लाउड सीडिंग के लिए 2 ट्रायल किए गए थे, लेकिन दोनों बार दिल्ली में आर्टिफिशियल बारिश नहीं हो पाई थी. IIT कानपुर के मुताबिक ऐसा न होने का सबसे बड़ा कारण दिल्ली में बादलों में नमी की कमी थी.
पिछले ट्रायल से मिली जरूरी जानकारी
हालांकि इन ट्रायलों के बाद काफी जानकारी मिली थी. जिसकी मदद से आगे के ट्रायल को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. दिल्ली सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक बारिश नहीं हुई थी, लेकिन ट्रायल वाले इलाकों में हवा में मौजूद छोटे कण यानी पार्टिकुलेट मैटर कम हो गए थे, जिससे हवा थोड़ी सी साफ हो गई थी. अब IIT कानपुर पुराने ट्रायल का रिव्यू कर रहा है.
DGCA से मांगी मंजूरी
IIT कानपुर ने सिविल एविएशन महानिदेशालय (DGCA) से मंजूरी मांगी है. एक अधिकारी ने बताया कि पिछली बार ट्रायल होने वाले नतीजों को ध्यान में रखकर गर्मी के मौसम में नया ट्रायल किया जा सकता है. जिसके लिए सही तारीख को IIT कानपुर ही तय करेगा. आपको बता दें कि अक्टूबर 2025 में भी दिल्ली में क्लाउड सीडिंग का ट्रायल किया गया था, लेकिन इससे आर्टिफिशियल बारिश नहीं हो पाई थी.
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