दिल्ली प्रशासन की ओर से बड़ा फैसला लिया गया है. बता दें कि दिल्ली के निगम बोध घाट में यमुना बाजार इलाके में निवास करने वाले कुल 310 परिवार को कॉलोनी खाली करने का नोटिस जारी किया गया है. यह जमीन डीडीए की मानी जाती है.
जोन क्षेत्र में बसी कॉलोनी
दरअसल, यह बस्ती यमुना के फ्लेड प्लेन अर्थात ओ जोन क्षेत्र में बसा हुआ है. हर साल आने वाली बाढ़ में सबस पहले यहीं इलाका पूरी तरीके से जलमग्न होता है. इसी कारण से सरकार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 34 के तहत में एक नोटिस जारी किया है. दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट डॉ. शशिपाल डबास ने नोटिस में साफ तौर पर कहा हैं कि लोग खुद से अपना सारा सामान हटा लें. अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया, तो तोड़फोड़ और अतिक्रमण करके मकान खाली करवाया जाएगा.
पुर्नावास काम और राहत के लिए सरकार को भारी संसाधन और खर्चा
बता दें कि हर साल दिल्ली में बाढ़ आने पर सबसे पहले यहीं इलाका जलमग्न हो जाता है. इसी कारण से हर साल सरकार को लोगों और पशुओं की जान जाने का डर लग रहता है. साथ ही सरकार को पुर्नावास काम और राहत के सरकार को भारी संसाधन और खर्चा लगाना पड़ता है. इसी कारण से जनता की सुरक्षा और जोखिम को कम करने के लिए यह नोटिस जारी किया गया है.
नोटिस के आने के बाद कॉलोनी में रहने वाले सभी लोग इसका विरोध कर रहे है. दरअसल, लोगों का कहना हैं कि जमीन डीडीए की है. हालांकि, अभी तक हाई कोर्ट में इस मामले को लेकर स्टे मिला हुआ है. कॉलोनी वालों ने आरोप लगाते हुए कहा कि अगर यह मामला अदालत में स्टे पर है तो फिर दिल्ली सरकार का इस तरीके का नोटिस जारी करने का हक नहीं है.
सभी लोग नाराज होते दिखाई दे रहे हैं. हालांकि, अब देखना यह हैं कि मामले के बाद में लोग नोटिस के अनुसार घरों को खाली करते हैं या नहीं.
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