राजधानी दिल्ली के यमुना बाजार ओ-जोन इलाके में अतिक्रमण को लेकर दिल्ली सरकार सख्त कार्रवाई करने वाली है. इन लोगों को पहले भी 15 दिनों के अंदर इलाका खाली करने के लिए नोटिस जारी किए गए थे.

अतिक्रमण के खिलाफ सख्त है सरकार
राजधानी दिल्ली में सरकार अतिक्रमण को लेकर बेहद सख्त है. उत्तर दिल्ली के कश्मीरी गेट में मौजूद यमुना बाजार ओ-जोन इलाके में किसी भी तरह के अतिक्रम की परमिशन नहीं है. दिल्ली सरकार के द्वारा दी हुई जानकारी के मुताबिक समय के साथ यहां घाटों पर लगातार अतिक्रमण होता रहा है. आपको बता दें कि अब इस अतिक्रमण को खत्म करने के लिए सरकार सख्त कदम उठाने जा रही है.
310 रेजिडेंशियल स्ट्रक्चर्स मौजूद
आपको बता दें कि यमुना बाजार इलाके में 32 घाट मौजूद हैं और यहां लगभग 1,100 लोग रहते हैं. इसी के साथ यहां लगभग 310 रेजिडेंशियल स्ट्रक्चर्स मौजूद हैं. जानकारी के मुताबिक कुछ दिनों पहले दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (DDMA) ने 26 नोटिस जारी किए थे, जिनमें इन लोगों को 15 दिनों के अंदर इलाका खाली करने के लिए कहा गया था. दिल्ली सरकार के एक बयान के मुताबिक यह जमीन दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) की है.
DDA ने चलाए कई ऑपरेशन
आपको बता दें कि इस इलाके में किसी भी तरह का निर्माण कार्य पूरी तरह से मना है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने DDA को यमुना के बाढ़ इलाके में अतिक्रमण के खिलाफ जरूरी कार्रवाई करने के लिए कहा गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक DDA ने ओ-जोन में पिछले कुछ सालों में कई ऑपरेशन चलाए हैं. इसी के साथ रेजिडेंशियल और कमर्शियल कामों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली जमीन को खाली कराया है.
हर साल इलाका होता है जलमग्न
सरकार का कहना है कि यमुना की बाढ़ के दौरान यह इलाका हर साल जलमग्न हो जाता है. इस तरह की घटनाओं से संपत्ति और मानव जीवन के लिए काफी नुकसान होता है. इस इलाके में बार-बार बाढ़ आती है, जिसके कारण आपातकालीन उपायों की भी जरूरत होती है. जिसके कारण अब सरकार इन इलाकों को खाली कराने पर जोर दे रही है. इस इलाके में लोगों को पहले भी 15 दिनों का नोटिस जारी किया गया है.
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