पीलीभीत में दिल्ली पब्लिक स्कूल अभिभावकों की जेब काटने का नया तरीका अपना रहा है. स्कूल परिसर के अंदर ही दुकान लगाकर किताबें बेची जा रही हैं, जो नियमों का साफ उल्लंघन है और गैर कानूनी है.
Pilibhit News: पीलीभीत में शिक्षा के मंदिर पर सवाल खड़े हो गए हैं. यहां Delhi Public School पर अभिभावकों की जेब ढीली कराने का गंभीर आरोप लगा है. स्कूल परिसर के अंदर ही किताबों की दुकान सजाकर खुलेआम बिक्री की जा रही है. जिला विद्यालय निरीक्षक भी स्कूल में बेची जा रही किताबों को लेकर चौंक गए, उन्होंने छापा मार कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है.
गाइडलाइन जारी
स्कूल के अंदर से अभिभावक किताबों के बंडल लेकर बाहर निकल रहे है. यह नजारा दिल्ली पब्लिक स्कूल का है, जहां स्कूल में ही दुकान खोली गई है. दिल्ली पब्लिक स्कूल के एक क्लासरूम में एक व्यक्ति बुक लेकर बैठा है और 7वी कक्षा के कोर्स की कीमत साढ़े नौ हजार रुपये बेशर्मी से बता रहा है, अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने गाइडलाइन जारी कर दी है, जिसमें साफ लिखा है कि किताबें स्कूल से ही खरीदनी होंगी, बाजार में कहीं उपलब्ध नहीं हैं.
अभिभावकों की जेब पर असर
मजबूरी में अभिभावक स्कूल से ही महंगे दामों पर किताबें खरीदने को विवश हैं. फस्ट क्लास से 8वीं क्लास तक का कोर्स 6 हजार से 10 हजार रुपये तक का पड़ रहा है, जबकि CBSE के साफ निर्देश हैं कि स्कूल कोई भी व्यावसायिक गतिविधि नहीं कर सकता. स्कूल बच्चों के माता पिता को किसी खास दुकान या काउंटर से किताबें खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकता.
सख्त कार्रवाई की मांग
अभिभावक अपनी पसंद की किसी भी दुकान से बाजार भाव पर किताबें खरीद सकते हैं, लेकिन दिल्ली पब्लिक स्कूल, पीलीभीत में स्कूल खुद ही काउंटर चलाकर किताबें बेच रहा है, जो पूरी तरह गैरकानूनी है. जब इस मामले की जानकारी जिला विद्यालय निरीक्षक को दी गई तो वे भी चौंक गए. उन्होंने तुरंत कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है. वहीं अभिभावक अब सवाल उठा रहे हैं कि क्या स्कूल शिक्षा देने के लिए है या किताबों की दुकान चलाने के लिए? इस मामले में जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है.
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