भारत की तीसरी परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी INS अरिदमन (S4) को शुक्रवार को भारतीय नौसेना में शामिल कर लिया गया है. अब हिंद महासागर में भारत की ताकत और भी मजबूत हो गई है.
INS अरिदमन इंडियन नेवी में शामिल
भारत ने अपनी नौसेना की ताकत को काफी मजबूत कर दिया है. देश ने अपनी समुद्री परमाणु ताकत को शक्ति देते हुए अपनी तीसरी परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी को इंडियन नेवी में शामिल कर लिया है. INS अरिदमन (S4) को शुक्रवार को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है. आपको बता दें कि इस कार्यक्रम को विशाखापट्टनम में आयोजित किया गया, लेकिन यह कमीशनिंग समारोह काफी गोपनीय रखा गया.
रक्षा मंत्री ने दिया संकेत
इस पनडुब्बी के शामिल होने के बाद सिर्फ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए संकेत दिया है. उन्होंने लिखा कि “शब्द नहीं शक्ति है, ‘अरिदमन’” रक्षा सूत्रों के मुताबिक भारत की तीसरी SSBN अब पूरी तरह के ऑपरेशनल हो गई है. यह पनडुब्बी लंबी दूरी तक परमाणु हथियार ले जाने के लिए और दागने में सक्षम है. नौसेना प्रमुख दिनेश के त्रिपाठी ने पहले ही कहा था कि आईएनएस अपने ट्रायल के अंतिम चरण में है.
भारत के पास 3 ऑपरेशनल SSBN
इस पनडुब्बी का ट्रायल पूरी होने के बाद अब इसे नेवी में कमीशन कर लिया गया है. आपको बता दें कि INS अरिदमन के इंडियन नेवी में शामिल होने के बाद भारत की परमाणु त्रिस्तरीय (न्यूक्लियर ट्रायड) और भी मजबूत हो गई है. अब भारत के पास 3 ऑपरेशनल SSBN हो गए हैं, जिनकी मदद से समुद्र में लगातार तैनाती करने में काफी आसानी होगी.
सेकंड स्ट्राइक क्षमता में मजबूती
INS अरिदमन भारत की सेकंड स्ट्राइक क्षमता को काफी मजबूती देती है. भारत किसी भी परमाणु हमले की स्थिति में समुद्र से ही जबाव देने में पूरी तरह से सक्षम हो गया है. INS अरिदमन के कमीशन होने के बाद यह भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता और रणनीतिक ताकत का बड़ा संकेत माना जा रहा है. इस पनडुब्बी के शामिल होने से हिंद महासागर में भारत की पकड़ और भी मजबूत हो जाएगी और क्षेत्रीय संतुलन बनाने में काफी मदद मिलेगी.
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