israel lebanon war 2026: इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में अतिरिक्त सैनिक भेजकर 80 गांवों को खाली करने का आदेश दिया है, जिसके जवाब में हिजबुल्लाह ने ‘खुले युद्ध’ का ऐलान कर दिया है. लेबनान सीमा पर भीषण बमबारी के बीच अब तक 52 लोगों की मौत हो चुकी है और तनाव चरम पर है.

israel lebanon war 2026: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे टकराव के बीच पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है. मंगलवार को इजरायल ने लेबनान के दक्षिणी इलाकों में अपने बाकी सैनिक भेज दिए. इसके साथ ही इज़रायली सेना ने सीमा के पास बसे अस्सी से ज्यादा गांवों और कस्बों के लोगों को तुरंत इलाका खाली करने का आदेश दिया.
दूसरी तरफ ईरान समर्थित संगठन हिज्बुल्लाह ने साफ शब्दों में कहा कि वह खुले युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है. हिज़्बुल्लाह ने यह भी कहा कि अब पीछे हटने का कोई रास्ता नहीं बचा है. इलाके में रहने वाले हजारों लोग डर और अनिश्चितता के माहौल में अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं. हालात बहुत तेजी से बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं.
खबरों के मुताबिक ताजा हिंसा की शुरुआत सोमवार तड़के हुई. हिज्बुल्लाह ने उत्तरी इजरायल की ओर रॉकेट और ड्रोन दागे. इसके जवाब में इज़रायली सेना ने लेबनान में कई जगह हवाई हमले किए. इन हमलों में अब तक बावन लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है.
मरने वालों में एक फिलिस्तीनी लड़ाका और बेरूत के दक्षिणी उपनगर में हिज्बुल्लाह का एक खुफिया अधिकारी भी शामिल बताया गया है. 150 से अधिक लोग घायल हुए हैं. कई इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं. बड़ी संख्या में परिवार सुरक्षित इलाकों की ओर भाग रहे हैं.
मंगलवार सुबह हिज़्बुल्लाह ने एक बार फिर उत्तरी इज़रायल की ओर दो बार रॉकेट दागने का दावा किया. इज़रायली हवाई हमलों में हिज़्बुल्लाह के टीवी और रेडियो स्टेशन से जुड़े भवन को भी नुकसान पहुंचा है.
दोपहर के समय बेरूत के दक्षिणी इलाकों में बिना किसी चेतावनी के कई हमले किए गए. बाद में इजरायली सेना ने कहा कि उसने हिज्बुल्लाह के वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाया. इज़रायली सेना के प्रवक्ता अविचाय अद्रई ने अस्सी से अधिक गांवों के लोगों से तुरंत घर छोड़ने और अगली सूचना तक वापस न लौटने की अपील की.
हिज्बुल्लाह के वरिष्ठ नेता मोहम्मद कोमाती ने कहा कि उनकी ओर से एक साल से ज्यादा समय तक युद्धविराम का पालन किया गया. इसके बावजूद इज़रायल लगातार हमले करता रहा. उन्होंने कहा कि अब उनके पास प्रतिरोध और खुले युद्ध में लौटने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं बचा है.
वहीं लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने सऊदी अरब, कतर, अमेरिका, फ्रांस और मिस्र के राजदूतों को बताया कि हिज्बुल्लाह लितानी नदी के उत्तर से रॉकेट दाग रहा है. सरकार का दावा है कि नदी के दक्षिणी हिस्से में हिज्बुल्लाह को निरस्त्र कर दिया गया है और वहां लेबनानी सेना का नियंत्रण है.
इज़रायली सेना ने यह भी बताया कि उसने दक्षिणी लेबनान में रणनीतिक जगहों पर नई तैनाती के साथ अतिरिक्त सैनिक भेजे हैं. लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार लेबनानी सेना भी कुछ सीमा चौकियों से पीछे हट रही है. एक लेबनानी सैन्य अधिकारी ने पुष्टि की है कि कुछ इलाकों में इज़रायली सैनिक दाखिल हुए हैं.
इससे पहले अक्टूबर दो हजार चौबीस में इजरायल ने हिज्बुल्लाह के खिलाफ जमीनी अभियान शुरू किया था. नवंबर दो हजार चौबीस में अमेरिका की मध्यस्थता से युद्धविराम लागू हुआ था.
इसके बाद इजरायल ने अधिकतर इलाकों से वापसी कर ली थी. हालांकि वह अब भी सीमा के पांच ठिकानों पर मौजूद है. युद्धविराम के बाद भी लगभग रोज हमले होते रहे हैं. इज़रायल का आरोप है कि हिज्बुल्ला दोबारा अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा है.
