मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के करोंद इलाके की विनायक कॉलोनी में सड़क के बीचों-बीच हाई-वोल्टेज लाइन का टावर लगा है. जिसके कारण यहां के स्थानीय लोगों को करंट का डर सताता रहता है. लोगों का कहना है कि कई सालों से इसको लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.
मध्य प्रदेश में दिखाई देते हैं अजूबे
मध्य प्रदेश में अजब-गजब इंजीनियरिंग का करिश्मा नजर आया है. भोपाल में अनोखे इंजीनियरों से सरकारी परियोजनाओं को डिजाइन कराया जाता है. कुछ समय पहले हमें 90 डिग्री मोड़ का एक ब्रिज नजर आया था. वह ब्रिज PWD विभाग के इंजीनियरों ने बनाया था. अब उस ब्रिज के बाद बिजली विभाग के इंजीनियरों ने भी अपनी स्किल्स को दिखाया है. बिजली विभाग के इंजीनियरों ने बीच सड़क पर हाई-वोल्टेज लाइन के टावर को खड़ा कर दिया है.
बीच सड़क पर हाई-वोल्टेज टावर
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हमें लगातार अजूबे देखने को मिल रहे हैं. पहला अजूबा 90 डिग्री मोड़ वाला ब्रिज था, जिसकी चर्चाएं काफी समय तक लोगों के लिए बातचीत का विषय रही थीं. अब उस ब्रिज के बाद एक नया अजूबा सामने आया है. भोपाल के करोंद इलाके की विनायक कॉलोनी में बिजली विभाग के इंजीनियरों ने बीच सड़क पर हाई-वोल्टेज टावर को खड़ा कर दिया है. अब यह टावर लोगों के लिए परेशानी बन गया है.
राहगीरों को हो रही परेशानी
करोंद इलाके की विनायक कॉलोनी में मौजूद टावर की ऊंचाई और लंबाई दोनों काफी कम हैं. जिसके कारण यहां से आने जाने वाले लोगों और वाहनों को आने-जाने में काफी दिक्कत हो रही है. स्थानीय लोगों को इस टावर के चलते करंट का खतरा भी सता रहा है. यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में इस सड़क से निकलना खतरे से खाली नहीं होगा.
विभाग नहीं कर रहा ठोस कार्रवाई
स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां हर साल 1-2 लोगों की करंट लगने से मौत भी हो जाती है, लेकिन इसके बाद भी विभाग किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं कर रहा है. स्थानीय लोगों ने बताया कि कई सालों से इस तरह की समस्या का सामना कर रहे हैं. लोगों ने बताया कि कई सालों से यहां न तो सड़क का निर्माण कराया गया है और न ही इस टावर को हटाया गया है.
