Nirmala sitharaman On bengal: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में कहा कि बंगाल में कानून का राज नहीं है और बम की राजनीति हावी है. उन्होंने राज्य सरकार से कानून सुधारने और केंद्र की योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की है.

Nirmala sitharaman On bengal: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर कड़ा हमला किया है. उन्होंने कहा कि राज्य में कानून का राज कमजोर हो चुका है. वहां हिंसा और बम की राजनीति हावी है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि बंगाल में बम चलता है, कानून नहीं चलता है. उन्होंने यह बात उस समय कही जब तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने बजट में बंगाल की अनदेखी का आरोप लगाया. सीतारमण ने कहा कि यह आरोप पूरी तरह गलत है. उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल को केंद्र सरकार की पूर्वोदय योजना में अहम जगह दी गई है. उन्होंने कहा कि पूर्वी भारत के विकास के लिए बड़े स्तर पर काम हो रहा है. दुर्गापुर को ईस्टर्न इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का एंकर बनाया जा रहा है. वाराणसी से सिलीगुड़ी तक हाई स्पीड ट्रेन परियोजना भी प्रस्तावित है. इससे उत्तर बंगाल को सीधा लाभ मिलेगा.
वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में जूट उद्योग को लेकर जो घोषणाएं की गई हैं, उसका सबसे बड़ा फायदा बंगाल को होगा. उन्होंने बताया कि लेदर एक्सपोर्ट और ड्यूटी फ्री इम्पोर्ट से राज्य के उद्योगों को मजबूती मिलेगी. पर्यटन से जुड़े स्थलों के विकास की भी योजना बनाई गई है उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाहे तो पूर्वोदय योजना में अपनी भागीदारी बढ़ा सकती है. जंगल महल क्षेत्र का भी उन्होंने विशेष रूप से जिक्र किया. तेंदू पत्ता पर टीसीएस को पांच प्रतिशत से घटाकर तीन प्रतिशत कर दिया गया है. इससे स्थानीय लोगों की आमदनी पर सकारात्मक असर पड़ेगा. उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र ने केमिकल पार्क की घोषणा की है. राज्य सरकार चाहे तो हल्दिया के आसपास इस दिशा में प्रस्ताव दे सकती है.
सीतारमण ने सिटी इकोनॉमिक रीजन योजना का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि हर साल एक शहर के विकास के लिए एक हजार करोड़ रुपये दिए जा सकते हैं. कोलकाता, हावड़ा और दुर्गापुर जैसे शहर इसके लिए आगे आ सकते हैं. उन्होंने कहा कि पांच शहरों को मिलाकर पांच हजार करोड़ रुपये तक की मदद संभव है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट जाने से बेहतर है कि राज्य सरकार प्रस्ताव लेकर सामने आए. उन्होंने यह भी कहा कि आईआईएम हैदराबाद की तर्ज पर नए संस्थान खोलने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है. राज्यों को अब आगे आकर इसका लाभ उठाना चाहिए.
वित्त मंत्री ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के भाषण पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सदन में तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया. उन्होंने जीएसटी को लेकर लगाए गए आरोपों को गलत बताया. उन्होंने कहा कि दूध पर कोई जीएसटी नहीं है. शिक्षा पर भी कोई टैक्स नहीं है. किताबें, नोटबुक, पेंसिल शार्पनर और इरेजर सभी जीएसटी से मुक्त हैं. हेल्थकेयर सेवाओं पर भी जीएसटी नहीं लगता. हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर भी जीएसटी शून्य किया गया है. उन्होंने अंतिम संस्कार से जुड़ी वस्तुओं पर टैक्स लगाने के आरोप को भी सिरे से खारिज किया. उन्होंने कट मनी सिंडिकेट को लेकर भी तंज कसा.
सीतारमण ने बंगाल सरकार की टैक्स नीति और कानून व्यवस्था दोनों पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि राज्य में नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर रोड लेवी ली जाती है. उन्होंने पूछा कि अगर जनता को राहत देनी है तो कोलकाता में पेट्रोल दिल्ली से लगभग दस रुपये महंगा क्यों है. दानकुनी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ईस्ट वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर की नई घोषणा की गई है. उन्होंने बताया कि पहले की घोषणाओं पर काम नहीं हुआ. कानून व्यवस्था पर बोलते हुए उन्होंने दुर्गापुर और कोलकाता में हुई गैंगरेप की घटनाओं का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि महिलाओं को ही सावधान रहने की सलाह देना समाधान नहीं है. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 36 राज्यों में बंगाल 35वें स्थान पर है. अंत में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को राजनीति से ऊपर उठकर कानून व्यवस्था सुधारनी चाहिए और केंद्र की योजनाओं का पूरा लाभ लेना चाहिए.
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