Uttarakhand news: लोगों के बीच हरिद्वार अपनी पवित्रता के लिए प्रसिद्ध है. हाल ही में यह लोगों के बीच चर्चा में घिरा हुआ है. यहां पर हरिद्वार के आस्था के केंद्र हर की पौड़ी में गैर हिंदुओं की एंट्री पर रोक लगा दी गई है. ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि हाल ही दो युवकों का वीडियो काफी वायरल हो रहा था, जिसमें दो युवक शेख की पोशाक पहन कर मंदिर के अंदर घुस गए थे. वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया था.
पोस्टर लगा एंट्री की जा रही बंद
बता दें कि इस वीडियो के बाद से हर की पौड़ी में गैर हिंदुओं के जानें पर रोक लगाने का पोस्टर लगा दिया गया है. इसी विवाद को लेकर BJP के प्रवक्ता सुरेश जोशी ने कहा है कि कि इस मुद्दे को राजनीति के तौर पर नहीं बल्कि धार्मिक दृष्टिकोण से देखना चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा है कि हर की पौड़ी को आस्था का केंद्र माना जाता है. यहां पर सभी लोगों की आस्थाओं का सम्मान करना चाहिए. सुरेश जोशी ने कहा है कि सरकार इस विषय को गंभीरता से लेकर हर पहलुओं पर विचार करके ही कोई फैसला लेगी.
इसके अलावा घाट पर किसकी एंट्री होगी किसकी नहीं इसको भी तय सरकार ही कर सकती है. अगर जरूरत पड़ी तो इस मुद्दे को लेकर सख्त नियम और निर्देश भी जारी किए जाएंगे. सरकार का मुख्य उद्देश्य सभी धार्मिक जगहों की मर्यादा को बनाएं रखने का है. ताकि किसी भी प्रकार को लोगों में भ्रम न पैदा हो सकें.
हालांकि, भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि हर की पौड़ी क्षेत्र में लोगों द्वारा लगाएं गए पोस्टर उनका व्यक्तिगत अधिकार है. भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में और व्यक्ति को अपने विचारों और अपनी बातों को रखने का अधिकार है. इस अधिकार के पीछे कई सारी जिम्मेदारियां भी छिपी हुई है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग तो दूसरे देश जाकर भारत के संविधान, कानून और राष्ट्रीय के खिलाफ बयान देते हैं. इसके बाद भी उन्हें बोलने के लिए पूरी आजादी मिली हुई है. अगर कोई देश के बाहर अपनी बातें कह सकता है. तो लोग देश के भीतर रहकर अपनी बातें क्यों नहीं रख सकते हैं. उन्होंने अपनी बातों पर काफी जोर देकर कहां कि सरकार द्वारा लिया जाने वाला फैसला संविधान और कानून के दायरे में ही लिया जाएगा.
अभी के लिए यह घटना लोगों के बीच बहस का कारण बनी हुई है. प्रशासन अपनी पूरी नजर रखें हुए है. लास्ट के निर्णय पर ही सभी की नजर टिकी है.
