8 जून 2026 को कैबिनट में हुई बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा 3,662 करोड़ रुपये निकालने के लिए मंजूरी दे दी गई है. यह बैठक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में की गई थी. सम्राट चौधरी द्वारा पेंशन के भुगतान के लिए आकस्मिकता निधि से करोड़ों रुपये निकालने स्वीकृति दे दी है.
उनके इस फैसले के बाद में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव उन्हें घेरते हुए दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर बिहार सरकार के ऊपर उंगली उठाई है.
उन्होंने पोस्ट कर लिखा कि ‘क्या बिहार दिवालिया होने वाली हालत में है? क्या ‘डबल-इंजन’ सरकार की जन-विरोधी फैसलों से और पूंजीवादी नीतियों से आर्थिक आपातकाल जैसे हालात पैदा होने वाले हैं? बिहार के आर्थिक हालत इतने खराब हो गए हैं कि बिहार कैबिनेट ने मई, जून और जुलाई 2026 की सामाजिक सुरक्षा पेंशन का भुगतान करने के लिए ‘बिहार आकस्मिकता निधि’ से ₹3,662 करोड़ निकालने की मंज़ूरी दे दी है.’
साथ ही उन्होंने कहा कि जिस राज्य को पेंशन निकालने के लिए आकस्मिकता निधि का इस्तेमाल करना पड़ रहा हो उस राज्य की हालत कितने गंभीर होंगे इसी से लोग अंदाजा लगा लें. 6 महीनों से हम कह रहे हैं कि बिहार में कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन का भुगतान नहीं हुआ है. ऐसा इसलिए क्योंकि खजाना खाली है, एक साल से ज्यादा बीतने के बावजूद ठेकेदार का भुगतान नहीं हुआ है.
तेजस्वी यादव ने बिहार की आर्थिक हालत पर चिंता दर्शाते हुए कहा कि नियमित बजट में प्रावधान के बाद भी पेंशन देने के लिए आकस्मिकता निधि से 3,662 करोड़ रुपये निकालने पर मुख्यमंत्री को यह भी बताना चाहिए कि आखिर डबल इंजन सरकार के बावजूद हालत क्यों बिगड़े हैं.?
बता दें कि आकस्मिकता निधि का इस्तेमाल प्राकृतिक आपदाओं के समय या वित्तीय संकट के समय में किया जाता है. किसी भी ऐसे सकंट में उन्हें नहीं निकाला जाता है.
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