उत्तर प्रदेश से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने खाकी को सवालों के कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया है. बहराइच में अपहरण मामले में रिश्वत मांगने के कारण एक SHO समेत 3 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है.
पुलिसकर्मियों के ऊपर रिश्वत का आरोप
उत्तर प्रदेश में रिश्वत मांगने की चलते थाना स्तर के तीन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई है. उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में थाना प्रभारी के साथ 3 पुलिसकर्मियों के ऊपर एक युवती के अपहरण मामले में आरोपी को हिरासत से छोड़ने के बदले 1 लाख रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप लगा है. इस आरोप के चलते तीनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है. इसी के साथ में इस मामले की विभागीय जांच भी शुरू हो चुकी है.
कोलकाता से किया था लड़की को किडनैप
अपर पुलिस अधीक्षक दुर्गा प्रसाद तिवारी ने बताया कि गजेंद्र सिंह नाम के युवक पर लड़की को किडनैप करने का आरोप लगा है. उन्होंने बताया कि युवक लड़की को कोलकाता से किडनैप करके बहराइच लेकर आया, इसके बाद उसने लड़की को अपनी बहन हुई मुनीजर सिंह के घर पर रखा था. इस पूरे मामले को लड़की के परिजनों ने पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में दर्ज कराया था. इसके बाद 11 जनवरी को कोलकाता की पुलिस टीम बहराइच पहुंची और लोकल पुलिस के साथ मिलकर लड़की को बरामद किया.
IG से की रिश्वत मांगने की शिकायत
जब पुलिस ने अपहरण हुई लड़की को बरामद कर लिया, तो गजेंद्र सिंह, मुनीजर सिंह के साथ लड़की को बहराइच के मटेहरा थाने में लाया गया. जिसके बाद स्थानीय अदालत से रिमांड का आदेश भी मिला था. यह सब होने के बाद में मुनीजर सिंह ने IG देवीपाटन रेंज में शिकायत दर्ज कराई कि उसे छोड़ने के लिए पुलिस ने 1 लाख रुपए की रिश्वत मांगी है. शिकायत मिलने के बाद में IG अमित पाठक ने पूरे मामले की जांच का आदेश दे दिया.
3 पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई
IG अमित पाठक के आदेश के बाद इस मामले की जांच हुई और उसमें आरोप सही पाए गए. जिसके बाद मटेहरा थाने के SHO सुरेंद्र कुमार बौध, उपनिरीक्षक विशाल जायसवाल और कांस्टेबल अवधेश यादव को सस्पेंड कर दिया गया है. अपर पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी, कि जो भी पैसे रिश्वत के रूप में इन पुलिसकर्मियों को दिए गए थे, वे शिकायतकर्ता को वापस कर दिए गए हैं. इस मामले में तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू हो गई है.
