uttarakhand cabinet expansion: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पांच नए मंत्रियों को विभागों की जिम्मेदारी सौंप दी है, जबकि गृह और कार्मिक जैसे महत्वपूर्ण विभाग अपने पास रखे हैं. इस फेरबदल का उद्देश्य प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाना और लंबे समय से रिक्त पड़े पदों के कारण अटके हुए कार्यों में तेजी लाना है.

uttarakhand cabinet expansion: देहरादून में मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभागों का बंटवारा कर दिया है. लंबे समय से इस फैसले का इंतजार किया जा रहा था. हाल ही में पांच नए मंत्रियों ने शपथ ली थी. इसके बाद सभी विभागों को नए सिरे से बांटा गया. पहले मुख्यमंत्री के पास 35 से ज्यादा विभाग थे. अब उन्होंने कुछ विभाग अपने पास रखे हैं और बाकी मंत्रियों को सौंप दिए हैं.
नई सूची के अनुसार मुख्यमंत्री खुद कई अहम विभाग संभालेंगे. इनमें सामान्य प्रशासन, गृह, कार्मिक, सतर्कता, नियुक्ति और प्रशिक्षण जैसे बड़े विभाग शामिल हैं. इसके अलावा सूचना और जनसंपर्क विभाग भी उनके पास रहेगा. ये सभी विभाग सरकार के कामकाज के लिए बहुत जरूरी माने जाते हैं. इनसे प्रशासन और कानून व्यवस्था पर सीधा नियंत्रण रहता है.
बाकी विभाग अलग-अलग मंत्रियों को दिए गए हैं. इससे काम का बंटवारा बेहतर तरीके से हो सकेगा. सरकार का मानना है कि इससे हर विभाग पर ज्यादा ध्यान दिया जा सकेगा. काम तेजी से होगा और योजनाएं समय पर पूरी होंगी. नए बंटवारे से विभागों के बीच तालमेल भी बेहतर होने की उम्मीद है.
हाल ही में पांच नए मंत्रियों को जिम्मेदारी दी गई थी. इनमें खजान दास, मदन कौशिक, भरत सिंह चौधरी, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा शामिल हैं. मंत्रिमंडल में ये पद काफी समय से खाली थे. कुछ पद पहले से खाली थे, जबकि एक पद मंत्री के निधन और एक पद इस्तीफे के कारण खाली हुआ था. इसी वजह से कई विभाग मुख्यमंत्री के पास ही थे.
अब इस नए बंटवारे को संतुलन बनाने की कोशिश माना जा रहा है. इसमें क्षेत्र और समाज दोनों का ध्यान रखा गया है. साथ ही प्रशासन को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने जरूरी विभाग अपने पास रखकर मुख्य नियंत्रण बनाए रखा है. वहीं बाकी जिम्मेदारियां मंत्रियों को देकर काम को आसान बनाया गया है. कुल मिलाकर यह फैसला सरकार के काम को ज्यादा प्रभावी और जवाबदेह बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
