Holi special: 4 मार्च को होली का त्योहार है. उससे एक दिन पहले लोग होलिका दहन मनाते हैं. इस साल 3 मार्च को होलिका दहन मनाई जाएगी. बता दें कि होलिका दहन पर एक परंपरा होती है. जो कि समाज में लोगों के बीच काफी सालों से चली आ रही है. हालांकि, आज के नवविवाहित जोड़ों को ये बातें पता नहीं होती हैं. आज लेकिन हम आपको एक ऐसी परंपरा के बारे में बताने वाले हैं, जिससे की आपके घर में ग्रह कलेश जैसी समस्याएं नहीं होगी.
क्या है ये मान्यता
दरअसल, पुरानी परंपरा के अनुसार सांस और बहू को कभी भी एक साथ होलिका दहन की अग्नि नहीं देखनी चाहिए. इन नियमों का पालन लोगों को और ज्यादा सख्ती से करना चाहिए, अगर किसी की नई-नई शादी हुई होती है. इस बात का ध्यान रखना लोगों के लिए काफी जरूरी होता है.
क्यों होता है ये जरूरी
दरअसल, मान्यता है कि सास और बहू का एक साथ होलिका दहन की अग्नि देखने पर पारिवारिक कलेश और वैचारिक मतभेद काफी ज्यादा होता है. कहा जाता है कि होलिका से निकलने वाली उग्र ऊर्जा दोनों के ही रिश्तों में कड़वाहट को जन्म देती है. इसी कारण से सभी लोग पंरपरा का पालन करते हुए और घर में आपसी तालमेल को बनाए रखने के लिए इस नियम को फॉलों करने के लिए कहते हैं.
पहली होली मायके में मनाने की रस्म
पुरानी मान्यताओं के अनुसार शादी के बाद नई दुल्हन को हमेशा मायके भेजा जाता है. ऐसा इसलिए ताकि सास और बहू एक साथ होलिका दहन की अग्नि को न देख सके. कहा जाता है कि अगर दोनों एक साथ इस अग्नि को देखती है तो घरों में पारिवारिक मतभेद और नकारात्मकता देखने को मिलती है.
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी मान्यताओं पर आधारित है. बता दें कि thetruth24 किसी भी प्रकार की जानकारी एवं मान्यताओं की पुष्टि नहीं कर रहा. किसी भी जानकारी एवं मान्यता से पहले उसके विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें.
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