सीबीएसई ने थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी नियम पर एक नया अपडेट दिया है. दरअसल, कई माता-पिता और अभिभावकों को थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी रूल के लागू होने से, उनके बच्चों पर अचानक से प्रेशर पड़ने का डर था. इसी कारण से वह बार-बार इस पॉलिसी के विरोध कर थे.
माता-पिता की चिंता को देखते हुए सीबीएसई ने एक बड़ा फैसला लिया है. दरअसल, इस साल 10वीं की परीक्षा देने वाले छात्रों पर यह नया नियम लागू नहीं होगा. साथ ही अभी के समय में जो छात्र सातवीं, आठवीं और नौंवी में पढ़ रहे हैं. उनको भी 10वीं बोर्ड परीक्षा में तीसरी भाषा का पेपर नहीं देना होगा. इन पर पुरानी वाली व्यवस्था ही लागू होगी.
कब और कैसे और किस पर लागू होगा यह नियम
यह नियम 10वीं और अभी के समय 7वीं, 8वीं और 9वीं के बच्चों पर लागू नहीं होगा. वह पहले वाली व्यवस्था का ही पालन करेंगे. यह नियम अभी के समय में 6th क्लास में जाने वाले बच्चों के ऊपर लागू होगा. जैसे-जैसे वह आगे जाएंगे उन्हें और उनकी पीछे वाली कक्षा के बच्चों को यह पेपर देना होगा.
क्या था यह थ्री-लैंग्वेज नियम
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार CBSE ने कुछ महीने फैसला लिया था कि अब स्कूल में बच्चों को 3 भाषा पढ़ाई जाएगी. इन तीन भाषा में दो भाषा का भारतीय होना जरूरी है. वहीं, एक भाषा आप अपनी इच्छा से अंग्रेजी, फ्रेंच जो लेना चाहते हैं ले सकते हैं. तीसरी भाषा अतिरिक्त भाषा के रूप में होगी. हालांकि, अब इस फैसले को वापस ले लिया गया है.
दरअसल, इस बैच पर यह नियम लागू नहीं होगा. ऐसा इसलिए क्योंकि टीचर और अभिभावक इसका विरोध कर रहे थे. टीचर का कहना था कि अभी इसके लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं है. ऐसे में अचानक से इस नीति को लागू करने से प्रेशर पड़ेगा.
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