Jharkhand wild elephant attack: पश्चिमी सिंहभूमी के मझगांव में एक खूंखार जंगली हाथी ने एक हफ्ते में 20 लोगों की जान ले ली है, लेकिन अब तक उसे काबू में नहीं किया जा सका है. वन विभाग और वंतारा की एक्सपर्ट टीम का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, वहीं इलाके में डर के चलते सड़कें बंद हैं और ग्रामीणों को घरों में रहने की सलाह दी गई है.

Jharkhand wild elephant attack: पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव प्रखंड में एक जंगली नर हाथी ने लोगों की जिंदगी मुश्किल कर दी है. बीते एक हफ्ते में इस हाथी के हमलों में 20 लोगों की मौत हो चुकी है. इसके बावजूद हाथी अब तक काबू में नहीं आ सका है. वन विभाग का रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है, लेकिन हाथी की आक्रामकता और तेज मूवमेंट के कारण अभियान में काफी दिक्कतें आ रही हैं. इलाके में डर का माहौल बना हुआ है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.
हाथी के खतरे को देखते हुए झारखंड–ओडिशा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क को फिलहाल बंद कर दिया गया है. बेनीसागर, तिलोकुटी और आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को घरों के अंदर ही रहने की सलाह दी गई है. प्रशासन ने साफ कहा है कि जब तक हालात पूरी तरह काबू में नहीं आते, तब तक लोग बाहर न निकलें. रात के समय कई ग्रामीण अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर शरण ले रहे हैं.
वन विभाग की टीम हाथी को बेहोश करने की कोशिश में जुटी हुई है. इस अभियान में झारखंड के साथ-साथ ओडिशा, पश्चिम बंगाल और गुजरात से आई वंतारा की एक्सपर्ट टीम भी शामिल है. हाथी को सीमित इलाके में रखने के लिए जंगल में जेसीबी मशीन से रास्ते बनाए जा रहे हैं. हालांकि हाथी बार-बार अपनी जगह बदल रहा है, जिससे उसे ट्रेंकुलाइज करना आसान नहीं हो पा रहा है.
शुक्रवार को हाथी के हमले में दो लोगों की जान चली गई थी. इनमें 40 वर्षीय प्रकाश मालवा और 22 वर्षीय चाला कुल्डी शामिल हैं. दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी. इससे पहले अभियान के दौरान पश्चिम बंगाल के बाकुड़ा जिले से आए हाथी पकड़ने वाले अनुभवी एक्सपर्ट सुखलाल बेहरा भी हाथी के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे. उन्हें इलाज के लिए ओडिशा के ररुआं अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई है.
स्थिति को संभालने के लिए मझगांव थाना पुलिस, अंचल अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं. लोगों से बार-बार अपील की जा रही है कि वे भीड़ न लगाएं और घटनास्थल से दूर रहे. प्रशासन का कहना है कि शाम ढलने से पहले हाथी को काबू में करने की हरसंभव कोशिश की जा रही है. मकसद यही है कि अब किसी और की जान न जाए और हालात जल्द से जल्द सामान्य हो सकें.
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