बाजपुर: उत्तराखंड गदरपुर से विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे की मुश्किलें बढ़ रही हैं. उनके परिवार पर जबरन भूमि कब्जाने के आरोपों सामने आ रहे हैं. ताजा मामलों की बात करें तो पीड़ितों ने उपजिलाधिकारी बाजपुर डॉक्टर अमृता शर्मा को ज्ञापन सौंपा है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हलचल मची हुई है.
जानिए क्या हैं पूरा मामला ?
दरअसल,बिचपुरी की रहने वाली परमजीत कौर की शिकायत पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की थी. जांच के बाद संबंधित जमीन को सीलिंग की सरकारी भूमि घोषित करते हुए करीब 64 बीघा जमीन को खाली कराने के आदेश जारी किए गए. इस संबंध में सभी पक्षों को 15 दिन के भीतर भूमि खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया. जल्दी की गई कार्रवाई को लेकर इलाके में प्रशासन की सक्रियता की चर्चा हो रही है.
सुरक्षा की मांग
इसी कड़ी में बुधवार को बहादुर गंज निवासी एवं बीजेपी नेता संजय बंसल ने एसडीएम बाजपुर को प्रार्थना पत्र भेजा. उन्होंने जयप्रकाश तिवारी, देवानंद पांडेय, मोहन पांडेय और किसान पांडेय से अपनी जान को खतरा बताया. इसके साथ ही आरोप लगाया कि इन लोगों ने मुंडिया पिस्तौर क्षेत्र में उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है. संजय बंसल ने प्रशासन से जमीन खाली कराने और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
जमीन को कब्जाने का आरोप
बात दूसरे मामले की करें तो बाजपुर के मोहल्ला रामभवन निवासी स्वर्गीय राजकुमार गोयल के पुत्र मुकुल गोयल और राघव गोयल ने भी एसडीएम डॉक्टर अमृता शर्मा को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन के मुताबिक साल 2009 में उनकी मां ममता गोयल के नाम मुंडिया पिस्तौर में रजिस्टर्ड भूमि खरीदी गई थी. मां के निधन के बाद यह जमीन दोनों भाइयों के नाम विरासत में दर्ज हो गई. ऐसा आरोप है कि जब उन्होंने जमीन की घेराबंदी कर चारदीवारी बनाने लगे, तो अतुल पांडे, शुभम पांडेय, अनुज तिवारी सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे और जमीन को अपना बताते हुए धमकी देने लगे. सूचना पर पुलिस ने पहुंचकर वहां की स्थिति को शांत कराया. मुकुल गोयल का आरोप है कि संबंधित लोग राजनीतिक पहुंच का हवाला देकर उन्हें लगातार धमका रहे हैं.
फिलहाल एसडीएम ने दोनों मामलों में संबंधित अधिकारियों को जांच व आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दे दिए हैं. अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन मामलों में भी बिचपुरी प्रकरण की तरह त्वरित और सख्त कदम उठाता है या नहीं.
