पंजाब में युवाओं के नशे की चपेट में आने की तमाम खबरों को आपने सुना होगा. हालांकि, कई दावों का कहना हैं कि पंजाब की तस्वीर अब पहले से बदल चुकी है. वहां पर अब नशे की चपेट में आने वाले युवाओं की संख्या कम हो चुकी है. इसी बीच लेकिन ऐसी खबर सामने आई है, जिसने इन सभी दावों पर पानी फेर दिया है. एक पूरे परिवार के चिराग को नशे की लत ने मौत के मुंह धकेल दिया है.
दरअसल, पंजाब के सुल्तानपुरी लौधी पंडोरी मोहल्ले के निवासी के कुल पांच बेटे थे. अभी तक वह अपने 4 बच्चों को खो चुके थे. सभी की 20 साल की उम्र में ही मौत हो चुकी थी, लेकिन अब उनके पांचवे बेटे 30 वर्षीय सोनू की भी मौत हो गई है. हैरानी की बात तो यह हैं कि इन पांचों की मौत नशे की लत के कारण हुई है. 24 घंटे पहले परिवार ने सोनू को कपूरथला के सिविल सर्जन संजीव भगत अस्पताल में भर्ती कराया था. डॉक्टरों का कहना हैं कि सोनू एचआईवी, बाएं फेफड़े के पास पानी जमा और हेपेटाइटिस-सी संक्रमित था. उसकी स्थिति खराब होने की वजह से उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था. स्थिति में सुधार होता देख परिवार खुश था, लेकिन अचानक ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और अस्पताल में अपनी आखिरी सांस ली. बुधवार में 3 बजे के करीब में उसकी मौत हो गई है.
बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां ने रो-रोकर अपनी पूरी दर्द भरी व्यथा को बताया. परिवार ने बताया कि उसके 4 बेटे 20 के होते ही नशे की लत की चपेट में आ गए थे, जिसके कारण उनकी मौत हो गई. पांचवे बेटे की शादी कराने के बाद में पता लगा कि वह नशे करता है, जिसके बाद में उसका इलाज करवाया गया. थोड़े दिनों तक सब ठीक चल रहा था. उनका बेटा हलवाई का काम कर अपना घर चलाता था. मां ने बताया कि उनके सभी बेटों की मौक ड्रग्स और नशे की लत की वजह से हुई है. हालांकि, पुलिस और आम आदमी पार्टी ने इन दावों को मानने से इनकार कर दिया है.
वहां रहने वाली महिलाओं का कहना हैं कि उनका पूरा इलाका नशे की चपेट में है. सोनू भी 8 सालों से नशे कर रहा था. वहीं, बुजुर्ग दंपति पर दो पोतियों और दो पोते की जिम्मेदारी आ चुकी है. नशे की लत से एक पूरा परिवार उजड़ने की इस खबर से स्थानीय लोग काफी परेशान दिखाई दिए है. मां की आंखों के सामने पांचों बेटे की एक ही कारणों से मृत्यु होना काफी दर्दनाक है.
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