Shivratri 2026: भद्रा को हिंदू पंचाग में सबसे खराब समय माना जाता है. इस समय में किसी भी काम को करना अशुभ माना जाता है. बात दें पंडितों ने बताया है कि 15 फरवरी को भद्रा पड़ रहा है. इसका समयकाल 12 घंटे का है. ऐसे में लोगों के बीच एक सवाल उठ रहा है कि महाशिवरात्री में किस दिन शिव जी की पूजा और जलाभिषेक कर सकते हैं.
कब से कब तक है भद्रा का समय
भद्रा 15 फरवरी के दिन 5:04 मिनट पर शुरू होकर 16 फरवरी की सुबह 05 बजकर 03 मिनट पर खत्म हो जाएगा.
हालांकि, पंडितों का कहना है कि भद्रा पाताल लोक का है. इसी कारण से इसका प्रभाव पृथ्वी पर नहीं पड़ता है. तो शिवरात्री के दिन पर भक्त बिना किसी अशुभ काल की चिंता किए भगवान शिव की अराधना कर सकते हैं.
इस बार भी महाशिवरात्री खास
पंडितों के अनुसार इस बार की शिवरात्री में भी कई शुभ योग बन रहे हैं. सुबह के समय में पूजा के दिन शुभ योग बन रहे हैं. पहला योग 8:24 से 9:48, दूसरा योग 9:48 से 11:11 और तीसरा योग सुबह 11:11 से दोपहर 12:35 तक है.
शाम के समय शिव जी की पूजा करने का शुभ सम
शाम के समय में भी शिव जी की पूजा करने के तीन शुभ समय है. सबसे पहला शुभ समय 6:11 से रात 7:47 तक है. इसके बाद शाम 7:47 से रात 9:23 और फिर रात 9:23 से रात 10:59 तक है.
इस बार शिवरात्री में आयुष्मान योग, शिव योग, सौभाग्य योग, वरियान योग, साध्य योग, शुक्ल योग, शोभन योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, ध्रुव योग, व्यतिपात और प्रीति योग इन सभी योगों को प्रभाव पड़ते हुए दिखाई दे रहा है.
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