हाल ही में CBSE ने 12वीं कक्षा के रिजल्ट की घोषणा की थी. रिजल्ट की घोषणा करते ही केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड पूरी तरीके से विवादों में घिर गया है. दरअसल, कई छात्रों का कहना हैं कि उन्हें जितने नंबर मिलने चाहिए थे उतने इस बार की मार्किंग के तरीके के कारण नहीं मिल पाए है.
700 की जगह 100 रुपये में चेकिंग
इसी बीच छात्रों कि दुविधा को कम करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है. दरअसल, बोर्ड ने अधिकारिक घोषणा की है. यह घोषणा माता-पिता ओर बच्चों की चिंता को देखते हुए ली गई है. CBSE ने कहा हैं कि अब जो भी बच्चा अपनी आंसर शीट की चेकिंग कराना चाहता हैं. वह 700 की जगह 100 रुपये में चेकिंग करा सकता है. साथ ही एक हर प्रश्न के लिए केवल 25 रुपये ही देने होंगे. ऐसे में बच्चे बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी कॉपी चेक करा सकते हैं.
OSM चेकिंग और सुरक्षा कैसे काम करती है.
दरअसल, इस बार अपनाई गई तकनीक में करीब 98 लाख 66 हजार आसंर शीट को स्कैन किया गया था. स्कैन करने के बाद में उन आंसर शीट को PDF बनाकर सुरक्षित रूप से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भेज दिया गया.
हालांकि, किसी भी तरीके की गड़बड़ी न हो इसके लिए तीन स्तर की सुरक्षा को तय किया गया था. डिजिटल के साथ-साथ मैनुअल रीचेकिंग का भी प्रयोग किया गया था. वह कॉपी जिसमें हल्की स्याही या स्कैनिंग में गलतिया पाई गई. उन 13 हजार कॉपियों को मैनुअल रुप से रीचेंकिग के लिए भेज दिया गया.
इस सिस्टम को कई देशों में अपनाया जाता हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि इस सिस्टम से मानवीय गलतियां पूरी तरीके से खत्म हो जाती है. साथ ही स्टेप-बॉय स्टेप मार्किग रिकार्ड हो जाती है, जिससे की पारदर्शिता देखने को मिलती है.
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