मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गांव में तेज रफ्तार इंटरनेट पहुंचाने के लिए प्रोजेक्ट गंगा की शुरूआत की है. उन्होंने कालिदास मार्ग, लखनऊ से इसकी शुरूआत की है. मुख्यमंत्री का लक्ष्य ऑनलाइन पढ़ाई, इलाज, खरीदारी और सरकारी सेवाओं जैसी सुविधाओं को आसानी से हर गांव तक पहुंचाने का है.
इन सुविधाओं में होगी आसानी
सरकार ने गांव में यह प्रोजक्ट हिंदूजा ग्रुप की सहयोगी कंपनी वनओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड और प्रोजेक्ट स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के साथ मिलकर शुरू किया है. सरकार का मेन फोक्स गांव और छोटे शहरों में डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ाना है. इसके अलावा महिलाओं को डिजिटल रोजगार की ओर भेजना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर निकालना है. इसका मकसद केवल इंटरनेट ही नहीं रोजगार को भी आगे बढ़ाना है.
संभावना जताई जा रही हैं कि इस योजना से 1 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं. इस योजना में शुरुआती दौर में बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती और सीमावर्ती जिलों पर ध्यान देना है. इन सीमा के बाद अन्य सीमाओं पर भी इसको लागू करने की कोशिश की जाएगी.
हर स्तर पर होगा काम
इस योजना के जरिए पंचायत स्तर पर डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर को चुना जाएंगा. कंपनी इन लोगों को पहले शिक्षित करेगी और उसके बाद में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत लोन दिलाने में हेल्प करेगी. लोन लेने के बाद में लोग अलग-अलग क्षेत्र में सेंटर को खोलेंगे.
लोगों को इन सेंटर में बिलिंग, ब्रॉडबैंड कनेक्शन एवं अन्य डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. यह डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर अपने स्तर पर कर्मचारियों को भी चुन सकते हैं. लोगों की हर शिकायत का समाधान इससे किया जाएगा.
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